- दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक कई इलाकों में 400 से ऊपर है, प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है
- आनंद विहार, जहांगीरपुरी, रोहिणी, विवेक विहार और वजीरपुर जैसे क्षेत्रों में AQI स्तर 400 से अधिक दर्ज किया गया
- आने वाले छह दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में बनी रहने की संभावना है
दिल्ली एनसीआर में हर तरफ सिर्फ धुंध ही धुंध नजर आ रही है. प्रदूषण का स्तर भी लगातार 'बहुत खराब' स्थिति में बना हुआ है. दिल्ली में एक्यूआई लेवल गुरुवार की सुबह 6 बजे भी कई इलाकों में 400 के पार पहुंचा हुआ है. ऐसे में समय में नहीं आ रहा है कि ये कोहरा है या फिर जहरीला स्मॉग? मौसम विभाग की मानें तो दिल्लीवालों को आने वाले कुछ दिनों में भी राहत मिलने की संभावना नहीं है. दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दिल्ली का एक्यूआई लेवल और खराब हो सकता है. इसके लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए.
400 से ऊपर बना हुआ है AQI लेवल
दिल्ली का औसत एक्यूआई लेवल गुरुवार को सुबह 6 बजे 356 किया गया. कई क्षेत्रों में ये स्तर 400 से ऊपर दर्ज किया गया है. आनंद विहार में 415, जहांगीरपुरी में 405, रोहिणी में 400, विवेक विहार में 410 और वजीरपुर में 404 दर्ज किया गया. हालांकि, कई जगह पर एक्यूआई लेवल 300 से नीचे बना हुआ है. नजफगढ़ में 287, मंदिर मार्ग में 294, आईजीआई एयरपोर्ट में 266 और आया नगर में एक्यूआई लेवल 278 बना हुआ है.
आने वाले 6 दिन और बिगड़ेंगे हालात
दिल्ली में आज भी कोहरे की मोटी चादर छाई है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है. इस बीच ही प्रदूषण का गंभीर स्तर लोगों पर डबल अटैक कर रहा है. प्रदूषण से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आखिर राहत कब मिलेगी? दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, दिल्ली वालों के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं. अगले छह दिनों तक वायु गुणवत्ता के इन दोनों श्रेणियों में से किसी एक में रहने की संभावना है. इसके बाद ही वायु प्रदूषण में कोई सुधार होने की उम्मीद है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को शाम चार बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 334 रहा, जो मंगलवार के 354 से बेहतर है.
आखिर राहत कब मिलेगी?
दिल्ली में बुधवार को धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई, हालांकि एक दिन पहले की तुलना में इसमें थोड़ा सुधार हुआ. वहीं, पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणियों के बीच रहेगी. वीकेंड में प्रदूषण का स्तर काफी खराब रहा, जब एक्यूआई 400 अंक को पार करके शनिवार, रविवार और सोमवार को 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया. सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, शहर में सक्रिय 39 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 29 ने 'बहुत खराब' वायु गुणवत्ता दर्ज की, जबकि शेष केंद्रों ने 'खराब' स्तर की वायु गुणवत्ता की सूचना दी. आईटीओ में सबसे अधिक एक्यूआई 378 दर्ज किया गया, जबकि आईजीआई हवाई अड्डे पर सबसे कम 258 दर्ज किया गया.
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दिल्ली कहां से आ रही जहरीली हवा?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली से प्राप्त आंकड़ों से पता चला है कि बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन का योगदान 16.3 प्रतिशत था, जो एक दिन पहले के 11.95 प्रतिशत से अधिक है. दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित उद्योगों का हिस्सा आठ प्रतिशत था, पड़ोसी झज्जर का योगदान 16.5 प्रतिशत था, जबकि अन्य स्रोतों का कुल मिलाकर सबसे बड़ा हिस्सा 34.3 प्रतिशत था. परिवहन संबंधी उत्सर्जन में बृहस्पतिवार को और वृद्धि होकर 17.4 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था, जबकि अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक था. दिन के दौरान आर्द्रता का स्तर 68 से 100 प्रतिशत के बीच रहा. मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए मध्यम कोहरे का पूर्वानुमान लगाया है, जिसमें अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 23 डिग्री सेल्सियस और नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है.














