30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला... फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी उदयपुर कोर्ट में पेश

वकील मंजूर हुसैन ने बताया, "आरोपी के वकील ने चिकित्सा कारणों के आधार पर अंतरिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है. यदि अदालत का सत्र समाप्त होने से पहले अंतरिम जमानत मंजूर हो जाती है, तो दोनों को चिकित्सा उपचार के लिए थोड़े समय के लिए रिहा किया जा सकता है. सब कुछ अदालत के फैसले पर निर्भर करता है."

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फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट कथित तौर पर एक डॉक्टर से 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में उदयपुर अदालत में पेश हुए. वकील मंजूर हुसैन ने बताया, "आरोपी के वकील ने चिकित्सा कारणों के आधार पर अंतरिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है. यदि अदालत का सत्र समाप्त होने से पहले अंतरिम जमानत मंजूर हो जाती है, तो दोनों को चिकित्सा उपचार के लिए थोड़े समय के लिए रिहा किया जा सकता है. सब कुछ अदालत के फैसले पर निर्भर करता है."

पुलिस ने दोनों को 7 दिसंबर को उनके मुंबई स्थित घर से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार करने के बाद उन्हें उदयपुर ले जाया गया. दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इस मामले की जांच डीएसपी छगन सिंह राजपुरोहित कर रहे हैं.

इससे पहले पुलिस ने इस मामले में अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की थी. 16 नवंबर को मुंबई से प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और वेंडर संदीप को गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने संदीप को सशर्त जमानत दी, जबकि अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई.

यह मामला इंदिरा ग्रुप और इंदिरा आईवीएफ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया की शिकायत पर दर्ज किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि विक्रम भट्ट और उनकी टीम ने उनकी पत्नी पर आधारित एक बायोपिक फिल्म बनाने के नाम पर उनसे बड़ी रकम ली.

डॉक्टर मुर्डिया का कहना है कि पहले उन्हें यह प्रोजेक्ट दिनेश कटारिया ने बताया. इसके बाद उन्होंने मुंबई के वृंदावन स्टूडियो में विक्रम भट्ट से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि 7 करोड़ रुपये का निवेश करके चार फिल्में बनाई जा सकती हैं और इससे 100 से 200 करोड़ रुपये तक की कमाई संभव है.

शिकायत के अनुसार, डॉ. मुर्डिया ने अलग-अलग खातों में कुल 2.45 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा, इंदिरा एंटरटेनमेंट ने 42.7 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि पूरी फिल्म का तय बजट केवल 47 करोड़ था. शिकायत में बताया गया कि चार में से केवल दो फिल्में पूरी हुईं और रिलीज भी हुईं.

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तीसरी फिल्म 'विश्व विराट' का काम सिर्फ 25 प्रतिशत ही पूरा हुआ है, जबकि चौथी फिल्म 'महाराणा-रण' पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ. पुलिस और शिकायतकर्ता का आरोप है कि चौथी फिल्म के लिए दी गई 25 करोड़ रुपये की रकम का गलत इस्तेमाल किया गया. एफआईआर में कुल आठ लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट भी हैं.

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