"रोंगटे खड़े कर देने वाले पल थे"- 2017 में PM मोदी की इजराइल यात्रा को याद कर बोले विदेश मंत्री एस. जयशंकर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2017 में इजराइल की यात्रा की थी जिस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हुए थे. जयशंकर ने कहा कि इस वर्ष हम अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा होने का उत्सव मना रहे हैं और हमारे देशों में ऐसे मील के पत्थर हमें अपने संबंधों के आयामों का विस्तार करने में मदद करते हैं.

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एस जयशंकर इजराइल के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे.
नई दिल्ली:

भारत और इज़राइल के बीच संबंधों को "वास्तव में विशेष" बताते हुए, विदेश मंत्री (EAM) एस जयशंकर (S Jaishankar) ने गुरुवार को कहा कि 2017 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा उनके लिए "रोंगटे खड़े कर देने वाले" पल थे. इजरायल की आजादी के 74 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक सभा को संबोधित करते हुए जयशंकर ने यह टिप्पणी की.

इजराइल के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि उनके लिये वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा बेहद महत्वपूर्ण थी जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इजराइल की पहली यात्रा थी.  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा के बाद से दोनों देशों के रिश्तों को वास्तव में गति मिली है.

विदेश मंत्री ने कहा, "जब मैं पिछले कई वर्षों में अपने संबंधों को देखता हूं, तो मेरे लिए तेल अवीव में एक तरह से रोंगटे खड़े कर देने वाला क्षण था, जब जुलाई 2017 में प्रधान मंत्री ने इज़राइल का दौरा किया था. जीएम मोदी इज़राइल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधान मंत्री थे और, तब से हमारे संबंध वास्तव में आगे बढ़े हैं." 

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2017 में इजराइल की यात्रा की थी जिस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हुए थे. जयशंकर ने कहा कि इस वर्ष हम अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा होने का उत्सव मना रहे हैं और हमारे देशों में ऐसे मील के पत्थर हमें अपने संबंधों के आयामों का विस्तार करने में मदद करते हैं.

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इस अवसर पर भारत में इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों और भारत में सिनेमा, शिक्षा, उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों में यहूदी प्रवासियों के योगदान को याद किया. भारत के विदेश मंत्री ने भी विभिन्न क्षेत्रों में यहूदी समुदाय के योगदान का उल्लेख किया.

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उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी होने के बावजूद दोनों देशों के लोगों के बीच काफी अपनत्व है जो हमारे संबंधों को मजबूत बनाता है और नये सम्पर्कों को तलाशने में मदद करता है.
 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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