- जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद ने न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी के उमर खालिद पर बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है
- उन्होंने कहा कि ममदानी का काम न्यूयॉर्क का कचरा उठवाना है, भारत पर कमेंट से पहले वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं
- इससे पहले MEA के प्रवक्ता ने कहा था कि अहम पदों पर बैठे लोगों को निजी पूर्वाग्रह व्यक्त करना शोभा नहीं देता
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने न्यूयॉर्क के नवनियुक्त मेयर जोहरान ममदानी की तरफ से दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद उमर खालिद को लेकर की गई टिप्पणी पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ममदानी को उनकी संवैधानिक सीमाओं की याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए कि वो सिर्फ न्यूयॉर्क के मेयर हैं, अमेरिका के राष्ट्रपति या विदेश मंत्री नहीं हैं. उन्हें किसी दूसरे देश पर इस तरह बेमतलब के कमेंट नहीं करने चाहिए.
'ममदानी का काम कचरा उठवाना...'
पूर्व डीजीपी वैद ने कड़े शब्दों में कहा कि ममदानी को मुंह खोलने से पहले अदालत के फैसलों का सम्मान करना सीखना चाहिए. भारत में कानून का शासन है और यहां न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान किया जाता है. उन्होंने कहा कि ममदानी का काम न्यूयॉर्क की गलियां देखना और वहां का कचरा उठवाना है, उन्हें पहले अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, फिर भारत पर टिप्पणी करनी चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने भी जताई थी आपत्ति
एक दिन पहले विदेश मंत्रालय ने भी ममदानी की तरफ से उमर खालिद को लिखे गए लेटर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा था कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को दूसरे लोकतांत्रिक देशों में जुडिशरी की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए. अपने निजी पूर्वाग्रहों को व्यक्त करना ऐसे लोगों को शोभा नहीं देता, जो महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं. ऐसी टिप्पणियां करने के बजाय बेहतर होगा कि वह अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करें.
ममदानी ने क्या लिखा था?
ये पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब उमर खालिद की पार्टनर बानोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर ममदानी का एक पत्र शेयर किया. प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे जोहरान ममदानी ने हाथ से लिखा ये लेटर उमर खालिद के माता-पिता को अमेरिका दौरे में सौंपा था. लेटर में लिखा था, "प्रिय उमर मैं अक्सर कड़वाहट पर तुम्हारे शब्दों और इसे खुद पर हावी न होने देने के महत्व के बारे में सोचता हूं. तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई. हम सब तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं." ममदानी पहले भी कई बार भारत सरकार की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं.














