शीर्ष अदालत को सौंपने के लिए दलों के चुनावी बॉन्ड का विवरण संकलित कर रहा है निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग ने कहा कि सीलबंद लिफाफे 15 नवंबर की शाम तक उसके पास पहुंच जाने चाहिए. इसमें यह भी कहा गया है कि लिफाफों पर स्पष्ट रूप से ‘‘गोपनीय-चुनावी बॉन्ड’’ अंकित होना चाहिए.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
उच्चतम न्यायालय ने दो नवंबर को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वह 30 सितंबर 2023 तक चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त धन की ‘‘अद्यतन’’ जानकारी सीलबंद लिफाफे में पेश करे.
नई दिल्ली:

निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा साझा किए गए चुनावी बॉन्ड के विवरण को सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय में जमा करने से पहले उन्हें संकलित करने की प्रक्रिया में है. निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. निर्वाचन आयोग ने तीन नवंबर को दलों से चुनावी बॉन्ड योजना शुरू होने के बाद इसके जरिए उन्हें मिले चंदे का विवरण 15 नवंबर तक देने को कहा था. निर्वाचन आयोग ने इस मुद्दे पर दलों को दोबारा पत्र भी भेजा था.

निर्वाचन आयोग का यह कदम ऐसे वक्त आया है जब उच्चतम न्यायालय ने दो नवंबर को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वह 30 सितंबर 2023 तक चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त धन की ‘‘अद्यतन'' जानकारी सीलबंद लिफाफे में पेश करे. आयोग के अधिकारी ने कहा, ‘‘विवरण संकलित किया जा रहा है. कई दलों ने विवरण साझा किया है.''

भाजपा और कांग्रेस सहित प्रमुख राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग को विवरण सौंप दिया है. सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों को तीन नवंबर को लिखे एक पत्र में आयोग ने उनसे प्रत्येक बॉन्ड के लिए दानदाताओं का विस्तृत विवरण, प्रत्येक बॉन्ड की राशि और इसके लिए प्राप्त धन का पूरा विवरण एक सीलबंद लिफाफे में साझा करने को भी कहा था.

आयोग ने कहा कि सीलबंद लिफाफे 15 नवंबर की शाम तक उसके पास पहुंच जाने चाहिए. इसमें यह भी कहा गया है कि लिफाफों पर स्पष्ट रूप से ‘‘गोपनीय-चुनावी बॉन्ड'' अंकित होना चाहिए.
 

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Tariff Deal से भारत को कितना फायदा? US Market पर कितनाअसर? Bharat Ki Baat Batata Hoon
Topics mentioned in this article