बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम...चुनावी राज्यों से EC ने जब्त किए 650 करोड़, जानें सबसे ज्यादा कहां मिला कैश

विधानसभा चुनावों और उपचुनावों से पहले चुनाव आयोग की सख्ती का असर दिखा है. ईसीआई की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई में अब तक 650 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जिसमें पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
विधानसभा चुनाव से पहले ईसीआई की सख्त निगरानी
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • चुनाव आयोग ने 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अवैध सामग्री की जब्ती बढ़ाई
  • अब तक नकदी, शराब, ड्रग्स, कीमती धातु और मुफ्त वस्तुओं समेत 650 करोड़ से अधिक की सामग्री जब्त की गई है
  • पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 319 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है, इसके बाद तमिलनाडु और असम का स्थान है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिनकी वोटिंग का दिन भी नजदीक आता जा रहा है. आने वाले विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सख्ती बढ़ा दी है. इसी के तहत अब तक अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स, कीमती धातु और मुफ्त बांटी जाने वाली चीज़ों समेत 650 करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान जब्त किया गया है. चुनाव आयोग का कहना है कि यह कार्रवाई चुनावों में किसी भी तरह के लालच को रोकने और साफ‑सुथरे चुनाव कराने के लिए की जा रही है.

650 करोड़ से ज्यादा की अवैध सामग्री जब्त

चुनाव आयोग ने कार्रवाई के दौरान 650 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की अवैध सामग्री जब्‍त की गई, जिसमें पश्चिम बंगाल शीर्ष पर है. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी बयान के मुताबिक असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा आम चुनावों तथा छह राज्यों में उपचुनावों की घोषणा के बाद से अब तक 650 करोड़ रुपए से अधिक की जब्ती की जा चुकी है. आयोग ने सभी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. आयोग ने चुनाव वाले पांच राज्यों के साथ-साथ उनके 12 सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं. इन बैठकों में प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि चुनावों को हिंसा-मुक्त, डर-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त तरीके से संपन्न कराया जाए.

ये भी पढ़ें ; अमित शाह के काफिले की सुरक्षा में चूक? ECI ने कोलकाता के 4 पुलिस अधिकारियों को किया सस्पेंड

Advertisement

हजारों फ्लाइंग स्क्वॉड और सर्विलांस टीमें तैनात

जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने के लिए 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, जिनका उद्देश्य चुनाव से जुड़ी शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निपटारा सुनिश्चित करना है. इसके अतिरिक्त, 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें (एसएसटी) भी विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं, जो अचानक नाके लगाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इन कदमों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को कम करना है.

नकदी‑शराब‑ड्रग्स समेत 651 करोड़ की जब्ती

आयोग द्वारा 26 फरवरी 2026 को शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक ज़ब्ती प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) के तहत 5 अप्रैल 2026 तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि कुल 651.51 करोड़ रुपए की जब्ती की गई है. इसमें 53.2 करोड़ रुपए नकद, लगभग 29.63 लाख लीटर शराब (मूल्य 79.3 करोड़ रुपए), 230 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 231.01 करोड़ रुपए के मुफ्त उपहार एवं अन्य वस्तुएं शामिल हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें : सुनेत्रा पवार ने CEC को पत्र लिखकर क्या खुद मुसीबत मोल ली है? एक लाइन छीन सकती है मां-बेटे की कुर्सी

पश्चिम बंगाल सबसे आगे, तमिलनाडु दूसरे नंबर पर

राज्यवार आंकड़ों में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 319 करोड़ रुपए की जब्ती दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपए, असम में 97 करोड़ रुपए, केरल में 58 करोड़ रुपए और पुडुचेरी में 7 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है. निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवर्तन एजेंसियां जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा या उत्पीड़न का सामना न करने दें. इस उद्देश्य से जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियों का गठन किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित समाधान किया जा सके.

आम नागरिकों की सुविधा पर जोर, सी‑विजिल से शिकायत की अपील

इसके अलावा, नागरिकों और राजनीतिक दलों को भी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है. आयोग ने ईसीआईनेट पर उपलब्ध सी-विजिल मॉड्यूल के माध्यम से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघनों की रिपोर्ट करने की सुविधा प्रदान की है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत किया जा सके.

ये भी पढ़ें ; बंगाल में सुपर राष्ट्रपति शासन... मालदा कांड पर CM ममता बनर्जी का बयान आया सामने

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Iran Israel War: ईरान से कैसे हुआ अमेरिकी पायलट का Rescue? |Bharat Ki Baat Batata Hoon