कामाख्या डेबटर बोर्ड मामले में ईडी की छापेमारी, एफडी और संपत्ति दस्तावेज जब्त

धनशोधन का मामला असम पुलिस सीआईडी ​​की एक प्राथमिकी से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2003 से 2019 के बीच बोर्ड (कामाख्या मंदिर के प्रबंधन के लिए) के अधिकारियों ने 7.62 करोड़ रुपये की धनराशि का ‘‘दुरुपयोग’’ किया था.

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नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने असम के प्रतिष्ठित कामाख्या मंदिर के पूर्ववर्ती ‘डेबटर बोर्ड' में सात करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत छापेमारी की है. संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अब बंद हो चुके कामाख्या डेबटर बोर्ड के पूर्व प्रशासक रिजु प्रसाद शर्मा, दिवंगत धीरज शर्मा, नबा कांता शर्मा और बोर्ड के कुछ पूर्व अधिकारियों के आवासीय परिसरों पर बुधवार को छापेमारी की गई.

धनशोधन का मामला असम पुलिस सीआईडी ​​की एक प्राथमिकी से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2003 से 2019 के बीच बोर्ड (कामाख्या मंदिर के प्रबंधन के लिए) के अधिकारियों ने 7.62 करोड़ रुपये की धनराशि का ‘‘दुरुपयोग'' किया था.

ईडी ने कहा कि छापेमारी के दौरान उसने पूर्ववर्ती बोर्ड के अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर 1.82 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी ​​जब्त कीं. एजेंसी ने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों की अचल संपत्तियों एवं व्यावसायिक संस्थाओं से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए तथा संबंधित व्यक्तियों के 27 बैंक खातों के बारे में भी पता चला.

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