पश्चिम बंगाल कोयला 'घोटाला' मामले में ED ने I-PAC के अधिकारियों पर छापा मारा

ED का यह मामला CBI की नवंबर 2020 की एक FIR से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों (आसनसोल और उसके आस-पास) में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से जुड़े करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया था.

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I-PAC के अधिकारियों के घर ईडी की रेड
NDTV

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित कोयला घाटाला मामले में पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेरमा राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के अधिकारियों के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों के घर पर की गई है. ईडी की ये छापेमारी पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नए सिरे से तलाशी अभियान शुरू किया है. 

ईडी के अधिकारी ने बताया बताया कि ये छापे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर मारे गए. जिन जगहों पर छापे मारे गए, उनमें बेंगलुरु में I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह का दफ्तर और दिल्ली में एक सीनियर अधिकारी का दफ्तर शामिल है. कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ED की इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल में पार्टी के चल रहे चुनावी अभियानों को पटरी से उतारने की BJP की "हताशा भरी कोशिश" बताया है. राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे.

इस तरह की यह कोई पहली छापेमारी नहीं है. आपको बता दें कि इसी साल 8 जनवरी को, केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में I-PAC के दफ्तर और इसके संस्थापक व डायरेक्टरों में से एक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर पर भी छापे मारे थे. सिंह और जैन को हाल ही में ED ने उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था.

उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी देकर इन नोटिसों को रद्द करने की मांग की है, और इसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चल रहे चुनावी कामों का हवाला दिया है. ED का यह मामला CBI की नवंबर 2020 की एक FIR से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों (आसनसोल और उसके आस-पास) में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से जुड़े करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया था.

जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा था कि इस कथित कोयला तस्करी रैकेट से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने I-PAC की रजिस्टर्ड कंपनी, इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेन-देन में मदद की थी. ED ने आरोप लगाया था कि I-PAC भी उन संस्थाओं में से एक है जो हवाला के पैसे से जुड़ी हैं. 

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ED ने पहले दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में कथित कोयला चोरी से कमाए गए लगभग 20 करोड़ रुपये के हवाला फंड I-PAC तक पहुंचे थे.यह संस्था 2021 से TMC और पश्चिम बंगाल सरकार को राजनीतिक सलाह दे रही है. ED ने कहा था कि कोलकाता में I-PAC और जैन के खिलाफ उसकी तलाशी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने "रुकावट डाली" थी; ED ने दावा किया कि संबंधित दस्तावेज़ और गैजेट्स ज़बरदस्ती उनके और राज्य प्रशासन द्वारा ले लिए गए थे.

ED ने सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री द्वारा "सत्ता के इस घोर दुरुपयोग" की CBI जांच की मांग की है; सुप्रीम कोर्ट अभी इस मामले की सुनवाई कर रहा है. TMC ने तब कहा था कि ED राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले I-PAC के दफ़्तर से उसकी चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज़ लेने की कोशिश कर रही थी. 

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