गायब कर दिया पश्चिम बंगाल के लोगों के हक का गेंहू-चावल, ED की कोलकाता सहित इन जगहों पर रेड, खुल गया सारा खेल

आरोप लगाया गया था कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का गेहूं बड़े पैमाने पर गलत तरीके से हटा या बेचा गया था. ईडी अब इस पूरे धन शोधन नेटवर्क और उससे जुड़े कारोबारियों की भूमिका की जांच कर रही है.

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wheat distribution ed raid
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  • प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता, बर्धमान और हाबड़ा में नौ परिसरों पर छापेमारी की है
  • यह कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गेहूं के बड़े पैमाने पर कालाबाजारी से जुड़े मामले में की गई है
  • ED की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR के आधार पर घोजाडांगा कस्टम्स के डिप्टी कमिश्नर की शिकायत पर शुरू हुई थी
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कोलकाता:

मनी लॉन्ड्रिंग केस में आज प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापे कोलकाता, बर्धमान और हाबड़ा में स्थित आपूर्तिकर्ताओं और निर्यातकों के 9 परिसरों पर मारे गए हैं. इस केस का लिंक संबंध नीरंजन चंद्र साहा और अन्य लोगों से बताया जा रहा है. कार्रवाई कथित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) घोटाले से जुड़े मामले में हुई है.यहां बड़े स्तर पर गेहूं और चावल में हेरफेर की बात पता चली है. 

बड़े पैमाने पर गेंहू की कालाबाजरी 

ईडी ने इस मामले में जांच की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी. यह एफआईआर बसीरहाट पुलिस स्टेशन में घोजाडांगा एलसीएस के कस्टम्स के डिप्टी कमिश्नर की शिकायत पर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का गेहूं बड़े पैमाने पर गलत तरीके से हटा या बेचा गया था. ईडी अब इस पूरे धन शोधन नेटवर्क और उससे जुड़े कारोबारियों की भूमिका की जांच कर रही है.

गेंहू के अलावा चावल में भी हेराफेरी

इसके अलावा ईडी ने उत्तर 24 परगना के हाबड़ा इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो व्यापारियों के आवास पर छापेमारी शुरू की है.यह कार्रवाई राशन वितरण से जुड़े मामले में की जा रही है. जानकारी के अनुसार, जिन व्यापारियों के यहां छापे मारे गए हैं, वे स्थानीय चावल कारोबारी बताए जा रहे हैं. ईडी सूत्रों का कहना है कि उन्हें इस राशन वितरण घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका है, जिसको लेकर जांच की जा रही है. गौर करने वाली बात यह है कि यह ताजा छापेमारी ऐसे समय सामने आई है, जब चुनाव के दूसरे चरण में सिर्फ चार दिन बाकी हैं.छापेमारी को लेकर इलाके में हलचल तेज हो गई है.ईडी की कार्रवाई फिलहाल जारी है.
 

ऐसे कर दिया खेला

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए निर्धारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के गेहूं को गलत तरीके से इधर‑उधर करने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाया. यह गेहूं आपूर्तिकर्ताओं, लाइसेंसधारी वितरकों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत से अनधिकृत माध्यमों के जरिए कम कीमत पर हासिल किया गया था. 

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इसके बाद बड़ी मात्रा में गेहूं को सप्लाई चेन से अवैध रूप से हटाकर कई जगहों पर इकट्ठा किया गया.इस गेहूं की असली पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकार के निशानों वाले मूल जूट के बोरों को हटाया या उल्टा कर दिया और नए तरीके से भर दिया. इससे गेहूं की पहचान छिप गई और उसे वैध स्टॉक बताकर खुले बाजार में बेच दिया गया या निर्यात किया गया. इस पूरी प्रक्रिया के जरिए आरोपियों ने अनुचित लाभ कमाया और इससे खूब मुनाफा कमाया है.

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