पर्यावरण, IT, मोटर व्हीकल ऐक्ट, PMLA सहित 42 कानूनों के कुछ प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज करने का ड्राफ्ट तैयार

जनविश्वास बिल में कई अपराधों में सजा के बजाए जुर्माने का प्रावधान है. इससे आम लोगों और कारोबारियों को अपने काम में आसानी होगी.

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नई दिल्ली:

जनविश्वास बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति- जेपीसी ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट को सोमवार को अंतिम रूप दे दिया. जनविश्वास बिल के जरिए 42 केंद्रीय कानूनों में 183 अपराधों को गैरअपराध (Decriminalize) बनाया जाएगा. इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और Ease of Living आसान होगी. अंग्रेजों के जमाने से कई कानूनों में अपराधों का प्रावधान है. जिसे अब कम करने की तैयारी है.  जिन क्षेत्र के कानूनों के प्रावधानों में परिवर्तन की तैयारी है उनमें पर्यावरण, IT, मोटर व्हीकल ऐक्ट, PMLA शामिल हैं. 

गौरतलब है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर भीख मांगना अपराध है और इसके लिए छह महीने तक सजा का प्रावधान है.  जेपीसी ने इन कानूनों में सुधार के लिए 19 अलग-अलग मंत्रालयों से सलाह मशविरा किया है. दिलचस्प है कि एक सुधार पीएमएलए में भी है जिसका ईडी विरोध कर रहा है.  पीएमएलए के प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज करने का प्रस्ताव है जिसका ईडी ने यह कह कर विरोध किया कि इससे जांच एजेंसी की ताकत कम होगी.

जनविश्वास बिल में कई अपराधों में सजा के बजाए जुर्माने का प्रावधान है. इससे आम लोगों और कारोबारियों को अपने काम में आसानी होगी. डिक्रिमिनलाइज करने से अदालतों का बोझ भी कम होगा और जेलों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी. 

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