"मेरे साथ ये दांवपेंच न चलिए": जब CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने वकील को लगाई फटकार

यह मामला उस वक्‍त हुआ, जब वकील ने केस की सुनवाई के लिए जल्‍दी तारीख देने की मांग की. वकील ने चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच से कहा कि अगर बेंच अनुमति दे, तो वह किसी दूसरी बेंच के सामने अर्जी दाखिल कर दें.

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एक वकील के सुझाव पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी. (फ़ाइल)
नई दिल्ली:

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI DY Chandrachud) डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को एक वकील को जमकर फटकार लगाई. वकील अपनी याचिका पर सुनवाई के लिए पहले की तारीख देने का दबाव बना रहा था. सीजेआई ने वकील से कहा, "मेरे साथ ये ट्रिक्‍स (दांवपेंच) मत चलिए. यहां अर्जी दाखिल करने के बाद यह मत कहें कि जल्‍दी डेट के लिए कहीं और दाखिल कर दूं. मेरे अधिकार के साथ खिलवाड़ न करें." 

यह मामला उस वक्‍त हुआ, जब वकील ने केस की सुनवाई के लिए जल्‍दी तारीख देने की मांग की. वकील ने चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच से कहा कि अगर बेंच अनुमति दे, तो वह किसी दूसरी बेंच के सामने अर्जी दाखिल कर दें. इतना सुनते ही चीफ जस्टिस नाराज हो गए. उन्‍होंने कहा कि ये तरीका ठीक नहीं है. ऐसे नहीं चलेगा.

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की अध्‍यक्षता वाली बेंच के समक्ष हुए इस घटनाक्रम में वकील ने तुरंत माफी मांग ली. वकील ने कहा- "मीलॉर्ड, मुझे माफ कर दीजिए." इस पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आपकी माफी को स्‍वीकार किया जाता है, लेकिन याद रखें कि मेरी अथॉरिटी को चुनौती देने की कोशिश न करें. इसके साथ ही उन्‍होंने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 17 अप्रैल तय कर दी.

इससे पहले फरवरी में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक याचिका को सूचीबद्ध करने पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर सीनियर वकील को फटकार लगाते हुए उन्हें कोर्ट से बाहर जाने का आदेश दिया था. सीजेआई डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट विकास सिंह (Vikas Singh) के बीच तीखी बहस हुई थी. मुख्य न्यायाधीश ने अदालत में अपना आपा खो दिया और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह को एक याचिका की लिस्टिंग पर आपत्तिजनक शब्दों के लिए कोर्ट से बाहर जाने का आदेश दिया था.

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