- DGCA ने VVIP यात्रियों की उड़ानों के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं, जिसमें पायलट का फैसला अंतिम माना जाएगा
- खराब मौसम में उड़ान की अनुमति नहीं होगी और केवल अनुभवी पायलट ही VVIP विमान उड़ाएंगे
- हर उड़ान से पहले अनिवार्य सुरक्षा जोखिम आकलन किया जाएगा और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार के विमान हादसे में मौत के बाद DGCA ने VVIP यात्रियों की उड़ान के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं. इसमें कहा गया है कि उड़ान को लेकर पायलट का फैसला अंतिम होगा. वहीं जरूरत पड़े तो उड़ान रद्द, देर या डायवर्ट भी की जा सकती है. साथ ही विमान में किसी भी तरह की तकनीकी खराबी हुई तो उड़ान की अनुमति नहीं होगी.
खराब मौसम में उड़ान के नियम सख्त किए गए हैं. इसमें कोई ढील नहीं दी जाएगी. केवल अनुभवी पायलट (लगभग 2000 घंटे उड़ान अनुभव) ही VVIP विमान उड़ाएंगे. वहीं चुनाव के दौरान उड़ान को हाई-रिस्क माना जाएगा, जिसमें अतिरिक्त सावधानी जरूरी है.
किन लोगों पर लागू होंगे ये नियम
लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, सीजेआई, राज्यपाल, सीएम, राज्य के कैबिनेट मंत्री, SPG सुरक्षा वाले Z+ श्रेणी के व्यक्तिों के उड़ान पर ये नियम लागू होंगे.
क्यों बनाए गए नियम
चुनाव और VIP उड़ानों में पहले कई दुर्घटनाएं और नियम उल्लंघन पाए गए. अब उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है. पुराने 1981 और 2014 के निर्देशों को रद्द करके नया आदेश लागू किया गया है.
उड़ान संचालन से जुड़े मुख्य नियम
पायलट और क्रू पर उड़ान के लिए कोई दबाव नहीं डाला जाएगा. VIP की वजह से आखिरी समय में बदलाव सीधे क्रू से नहीं, केवल कंपनी मैनेजमेंट के जरिए होंगे. केवल ट्विन-इंजन विमान और कम से कम दो क्रू सदस्य जरूरी हैं. वहीं उड़ान से पहले पैसेंजर मानिफेस्ट और लोड & ट्रिम शीट अनिवार्य है. साथ ही विमान का वजन तय सीमा के भीतर होना जरूरी है और विमान में चढ़ने से पहले सामान की सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी.
VIP को पहले से दी जाने वाली जानकारी
वीआईपी को विमान की क्षमता और सीमाओं की जानकारी दी जाएगी. उड़ान की योजना और संचालन पायलट और इंजीनियर का अंतिम निर्णय होगा. इस प्रक्रिया में किसी बाहरी दबाव की अनुमति नहीं होगी.
हेलीपैड और लैंडिंग से जुड़े नियम
- उड़ान से कम से कम 24 घंटे पहले हेलीपैड/एयरस्ट्रिप की लिखित पुष्टि जरूरी होगी
- जिला प्रशासन (DM/SDM/SSP/SP/SHO) से लैंडिंग की अनुमति (NOC) अनिवार्य होगी
- दूरदराज या अनकंट्रोल्ड हेलीपैड पर उड़ान से पहले विशेष अनुमति जरूरी
- सुरक्षा, फायर और रेस्क्यू व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद ही अनुमति दी जाएगी
प्रशासन की जिम्मेदारी
जिला/राज्य प्रशासन को हेलीपैड की स्थिति, लोकेशन, सुरक्षा और बचाव व्यवस्था की जानकारी समय पर देनी होगी. साथ ही सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित होने के बाद ही लैंडिंग अनुमति जारी होगी.
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