लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग, लेह में कड़कड़ाती ठंड में हजारों लोगों के निकाला मार्च

हजारों लोगों ने जमा देने वाली ठंड में लेह शहर में मार्च किया, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर नारे लगाए, पूरा लद्दाख बंद रहा

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.
श्रीनगर:

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के लिए छठी अनुसूची के तहत राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर हजारों लोगों ने मार्च निकाला. पूरा लद्दाख बंद रहा. लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस द्वारा संयुक्त रूप से यह विरोध प्रदर्शन किया गया.

हजारों लोगों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने जमा देने वाले ठंड में लेह शहर में मार्च किया. उन्होंने नारे लगाते हुए लद्दाख को राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची को लागू करने और लेह और कारगिल जिलों के लिए अलग-अलग संसदीय सीटों की मांग की.

केंद्र ने घोषणा की है कि लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों के साथ दूसरे दौर की वार्ता आयोजित की जाएगी. लेकिन इसके बावजूद बंद आयोजित किया गया. केंद्र ने पहले ही लद्दाख के लोगों की मांगों पर विचार करने के लिए राज्य मंत्री (गृह मामले) नित्यानंद राय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है.

लद्दाख के लोगों ने कहा कि वे केंद्र शासित प्रदेश में नौकरशाहों के एक अंतहीन शासन के तहत नहीं रह सकते हैं और केवल पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं, जिसमें वे शासन के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुन सकें.

Advertisement

दिसंबर में केंद्र ने लद्दाख में अपनी पहली बैठक की थी और लेह और कारगिल के दोनों निकायों से अपनी मांगें पेश करने के लिए कहा था.

आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद अगस्त 2019 में तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया गया था. लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Bengal Election 2026 First Phase: Voting शुरू, युवा और महिला वोटर्स से PM Modi ने की खास अपील
Topics mentioned in this article