- दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर सराय काले खां से शुरू होकर यूपी के दस शहरों को जोड़ेगा
- इस कॉरिडोर से दिल्ली से वाराणसी का सफर 4 घंटे से भी कम समय में पूरा होगा, मुंबई-अहमदाबाद के बाद प्राथमिकता
- सराय काले खां पहले से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बन चुका है, जिससे यहां से बुलेट ट्रेन संचालन सुगम होगा
Delhi-Varanasi High Speed Rail Corridor: दिल्ली-मेरठ नमो भारत के बाद सराय काले खां से अब बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी है.दिल्ली से वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर सराय काले खां से चलेगी. ऐसे में सराय काले खां के साथ रैपिड रेल, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डे के अलावा एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी. वो पूरे भारत में बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनकर उभरेगा. दिल्ली-बनारस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट यूपी के 10 शहरों को जोड़ेगा और ये देश के सबसे बड़े राज्य के लिए वरदान साबित होगा. दिल्ली से बुलेट ट्रेन के तीन रूट प्रस्तावित हैं. इसमें दिल्ली वाराणसी रूट सबसे प्राथमिकता में है.
दिल्ली-बनारस 4 घंटे से कम दूरी
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर प्राथमिकता में होगा. इससे दिल्ली से बनारस का सफर महज 4 घंटे में तय होगा.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सराय काले खां पहले ही मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बन चुका है, ऐसे में यहां से बुलेट ट्रेन को चलाना आसान होगा.
निजामुद्दीन-सराय काले खान ट्रांसपोर्ट हब
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, निजामुद्दीन-सराय काले खान मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब इनफ्लुएंस जोन की मंजूरी के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है.NHSRCL ने सराय काले खां में हाईस्पीड रेलवे स्टेशन, रैपिड रेल, मेट्रो के साथ एक ही स्टेशन पर हाईस्पीड रेल और यात्रियों की क्षमता को लेकर अपनी जानकारी साझा की है.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन के कितने स्टेशन
आम बजट में देश में 7 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर फोकस करने का ऐलान किया है. इसमें 813 किलोमीटर लंबा दिल्ली-वाराणसी लाइन सामिल है. दिल्ली, वाराणसी के बीच ये नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या (लिंक के जरिये), राय बरेली, प्रयागराज और भदोही को जोड़ने की योजना है.
Delhi Varanasi High Speed Rail Corridor
हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट द्वारका से भी कनेक्ट होगा
दिल्ली में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को द्वारका से भी कनेक्ट करने का प्लान है. सराय काले खां और निजामुद्दीन के पास ये हाई स्पीड रेल स्टेशन तैयार होगा. एनएचएसआरसीएल इसकी डीपीआर तैयार करेगा. देश में बुलेट ट्रेन यानी हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए बने NHSRCL को इसकी जिम्मेदारी मिलेगी.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट मैप
रेलवे बोर्ड ने नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड ने दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बदलाव करने को कहा है ताकि जमीनी हालाताों और नए अलायनमेंट के हिसाब से उसे आगे बढ़ाया जा सके. केंद्र सरकार ने पहले जो दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर बनाया था, उसमें सराय काले खां शामिल नहीं था.
दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण
दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण इस साल 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में भूमि अधिग्रहण शुरू होने की उम्मीद है.रेलवे ने फरवरी 2026 में इस प्रोजेक्ट के लिए फास्ट ट्रैक नीति लागू की है, ताकि पर्यावरण समेत जरूरी मंजूरी और भूमि अधिग्रहण को गति दी जा सके.
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बजट में प्रस्तावित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
- दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर
- मुंबई–पुणे हाईस्पीड कॉरिडोर
- पुणे–हैदराबाद हाईस्पीड कॉरिडोर
- हैदराबाद–बेंगलुरु हाईस्पीड कॉरिडोर
- हैदराबाद–चेन्नई हाईस्पीड कॉरिडोर
- चेन्नई–बेंगलुरु हाईस्पीड कॉरिडोर
- वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर पटना से गुजरेगा












