दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी, 23 साल पुराने डबल मर्डर केस के दोनों फरार आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 23 साल पुराने एक सनसनीखेज डबल मर्डर केस का पर्दाफाश कर दिया है. साल 2002 में दिल्ली के सरिता विहार में हुई इस वारदात में मां और उसकी 2 साल की बेटी की निर्मम हत्या हुई थी. इस केस के आरोपी अब गिरफ्तार कर लिए गए हैं.

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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 23 साल पुराने एक सनसनीखेज डबल मर्डर केस का पर्दाफाश कर दिया है. सरिता विहार में 2002 में हुई इस वारदात में मां और उसकी 2 साल की बेटी की निर्मम हत्या हुई थी. दोनों मुख्य आरोपी, जो दो दशक से फरार थे, अब गिरफ्तार कर लिए गए हैं.

28 जनवरी 2002 को सरिता विहार इलाके में यह दिल दहला देने वाली घटना हुई थी. शिकायतकर्ता अनिल कुमार जब मदनपुर खादर स्थित अपने घर पहुंचे तो दरवाजा खुला मिला. घर अस्त-व्यस्त था और रसोई बाहर से बंद. दरवाजा खोलने पर उन्होंने अपनी पत्नी अनीता (22) और बेटी मेघा (2) को खून से लथपथ मृत पाया. दोनों पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया गया था.

व्यवसायिक रंजिश में हुआ डबल मर्डर

जांच में सामने आया कि हत्या का कारण व्यवसायिक रंजिश थी. टेलरिंग के काम में अनिल कुमार का बिज़नेस बेहतर चल रहा था, जिससे आरोपी जलन रखते थे.

मुख्य आरोपी अमलेश कुमार, जो बिहार के शिवहर जिले का रहने वाला है, 23 साल से फरार था. फरारी के दौरान वह गुजरात के जामनगर में मज़दूरी कर रहा था और पहचान छुपाकर सामान्य जीवन जी रहा था. क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और इंटेलिजेंस के आधार पर उसे जामनगर से गिरफ्तार किया.

पैरोल से हुआ था फरार

दूसरा आरोपी सुशील कुमार पहले ही दोषी करार दिया जा चुका था. ट्रायल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे हाई कोर्ट ने उम्रकैद में बदला. लेकिन 2007 में वह पैरोल जंप करके फरार हो गया. तब से वह कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और अंत में बिहार के इंडो–नेपाल बॉर्डर के पास लालगढ़ में अलग पहचान से रह रहा था. पुलिस ने उसे वहीं से पकड़ा.

गिरफ्तारी के बाद दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली है. पुलिस अब मामले की अंतिम रिपोर्ट और कोर्ट प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. 

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