- दिल्ली के नांगलोई इलाके में 21 साल पुराने 14 वर्षीय लड़की की हत्या का मामला सुलझ गया
- बिहार के बांका जिले से मुख्य आरोपी सिकंदर और उसकी पत्नी मंजू को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया
- घटना 22 अप्रैल 2004 की है, जब लड़की घर पर अकेली थी और उसका गला चाकू से रेत दिया गया था
दिल्ली के नांगलोई इलाके में 21 साल पहले हुई 14 साल की मासूम लड़की की हत्या का मामला आखिरकार सुलझ गया है.क्राइम ब्रांच की एनआर-1 टीम, प्रशांत विहार ने बिहार के बांका जिले से इस केस के मुख्य आरोपी सिकंदर उर्फ सुकवा और उसकी पत्नी मंजू को गिरफ्तार कर लिया है.दोनों को साल 2006 में तीस हजारी कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था.
कब की है घटना?
घटना 22 अप्रैल 2004 की है. लड़की घर पर अकेली थी.उसके माता-पिता बिहार गए हुए थे और भाई नोएडा में शादी में शामिल होने गया था.अगले दिन सुबह जब भाई घर लौटा तो घर बाहर से बंद मिला. पीछे से अंदर जाकर देखा तो बहन की लाश बिस्तर पर पड़ी थी.उसका गला चाकू से रेत दिया गया था.इसके बाद थाना नांगलोई में हत्या का केस दर्ज हुआ.
जांच में सामने आया कि आरोपी सिकंदर लड़की के पिता का दोस्त था और उनके साथ मजदूरी करता था.उसका आरोप था कि लड़की के पिता ने कई साल की मजदूरी का पैसा नहीं दिया और प्लॉट दिलाने का वादा भी पूरा नहीं किया.इसी बात से नाराज होकर सिकंदर ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बदला लेने की साजिश रची और मासूम बच्ची की हत्या कर दी.
ऐसे निकला बिहार कनेक्शन
क्राइम ब्रांच की टीम पुराने अनसुलझे मामलों की जांच कर रही थी.रिकॉर्ड खंगालने और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की लोकेशन बिहार में मिली.करीब 15 दिन तक बिहार में डेरा डालने के बाद 10 फरवरी 2026 को टीम ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया. हत्या के बाद आरोपी पहले गाजियाबाद में छिपे,फिर बिहार और बाद में कोलकाता में मजदूरी करते रहे.लगातार ठिकाने बदलते रहे, लेकिन आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गए. 21 साल पुराने इस जघन्य हत्याकांड में गिरफ्तारी को क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता माना जा रहा है.अब दोनों आरोपी कानून का सामना करेंगे.














