एक ही सीढ़ी, नीचे गद्दा रखकर तीसरी मंजिल से कूदे लोग... 21 मौतें, दिल्ली आग कांड पर बोले BJP विधायक

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक होटल में भीषण आग लग गई. इस आग में 18 लोगों की मौत की खबर है. आखिर आग कैसे लगी? स्थानीय लोग क्या कह रहे?

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Delhi Fire: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में होटल में भीषण आग
File Photo

राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली पुलिस के अनुसार 11 घायलों को बाहर निकाल लिया गया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज मुहैया कराया जा रहा है. बाकी लोगों के लिए खोज अभियान जारी है. इस घटना पर बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि स्थानीय लोगों ने होटल में फंसे लोगों को बचाया. कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग तक लगाई. होटल के शेफ का दावा है कि इलेक्ट्रिक चूल्हे में धमाका हुआ उसके बाद आग लगी.

'सिर्फ एक सीढ़ी थी, कूदकर बचाई जान'

मालवीय नगर आग कांड पर मौजूदा बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि आग लगने की खबर मिलते ही वो मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने होटल में फंसे लोगों को बचाने के लिए गली में गद्दा बिछाया. होटल में केवल एक सीढ़ी थी. ऐसे में होटल में फंसे कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बालकनी और छत से नीचे गद्दों पर छलांग लगा दी.

सतीश उपाध्याय ने बताया कि अब तक 21 लोगों की मौत हुई है और 47 लोगों को बचाया गया है. यह घटना सुबह 8.51 बजे हुई. हम सुबह 9 बजे से यहां मौजूद हैं. कुछ ही समय में, दमकल विभाग और बचाव दल ने कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस और स्थानीय लोगों ने लोगों को बचाने में मदद की. अब तक 47 लोगों को बचाया जा चुका है. 21 लोगों की मौत हुई है. आग कैसे लगी, यह जांच का विषय है. यह एक बहुत ही दुखद घटना है। सरकारी एजेंसियां खोज और बचाव अभियान में लगी हुई हैं. अगर एजेंसियों ने समय पर कार्रवाई न की होती, तो यह घटना और भी ज़्यादा गंभीर हो सकती थी. यहां बांग्लादेशी और SAARC देशों के लोग थे, जो इलाज के लिए यहां आए थे और BnB में ठहरे हुए थे.

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स्थानीय लोग क्या बता रहे?

इस घटना पर कई चश्मदीदों के बयान भी सामने आए हैं. लोगों ने बताया कि होटल में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे. आग के बाद पूरे होटल में धुआं भर गया. एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि आग के बाद लोग अंदर फंस गए. सीढ़ी केवल एक थी. लोग वहां से निकल नहीं पा रहे थे. हमने होटल के बेसमेंट के पास का लोहे के शटर तोड़ा. एक चैन भी तोड़ी गई. कुछ लोग नीते बेसमेंट में भी फंसे थे.

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एक चश्मदीद ने बताया कि होटल के बेसमेंट में भी कमरा बनाया गया था. आग लगने के बाद करीब 7 लोगों को हमने वहां से निकाला. ये लोग बेहोश हालक में थे. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बिल्डिंग 6 मंजिल की है. सुबह करीब 9 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी. जब वहां का कांच फोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फेल गई.

शेर खान नाम के एक स्थानीय निवासी ने कहा, "मैं सुबह दुकान जा रहा था. पहले यहां एक छोटी सी आग लगी थी, फिर वह बढ़ती चली गई. जैसे-जैसे आग बढ़ी, ऐसा लगने लगा कि यहां से कूदने का कोई रास्ता ही नहीं बचा है. लोगों ने गद्दे बिछा दिए और तीसरी मंजिल से कुछ लोग एक छोटे बच्चे के साथ उन पर कूद गए. वह कह रही थी कि उसका पैर टूट गया है. लोगों ने बहुत कोशिश की. हालांकि, समय बीतने के साथ-साथ स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है.'

ओम नाम के एक स्थानीय निवासी बताते हैं, "लगभग 9:30 बजे हमने देखा कि यहां बहुत भीषण आग लगी हुई थी. उस समय मैं और मेरा दोस्त स्कूटर पर थे; आग पूरी तरह से भड़की हुई थी और लोग बिल्डिंग से इधर-उधर से कूद रहे थे. हमने करीब 5 लोगों को कूदते हुए देखा. एक व्यक्ति का पैर भी टूट गया. यहां पूरी सड़क जाम हो गई थी. वहां काफी भीड़ जमा थी.'

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कई विदेशी नागरिक यहां रह रहे थे- फायर ऑफिसर

फायर ऑफिसर एके मलिक ने बताया कि फायर डिपार्टमेंट को सुबह 8.50 बजे कॉल मिली. शुरू में, घटनास्थल पर सात फायर टेंडर भेजे गए और गाड़ियां भी रास्ते में थीं, लेकिन आखिरकार, सभी जरूरी यूनिट्स पहुंच गईं. जैसे ही हमारी टीम घटनास्थल पर पहुंची, उन्होंने तुरंत इमारत से 37 लोगों को बचाया. यह एक बहुमंजिला इमारत है. इसमें एक बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और पांच ऊपरी मंजिलें हैं. घटनास्थल पर लोगों से पूछताछ के आधार पर, हमें पता चला है कि यह इमारत एक अलग रिहायशी कॉम्प्लेक्स के तौर पर काम नहीं करती है. बल्कि, ऐसा लगता है कि यहां रहने वाले ज्यादातर लोग ऐसे व्यक्ति थे जिनके जान-पहचान वालों का इलाज सड़क के ठीक उस पार स्थित MAX हॉस्पिटल में चल रहा था. इसलिए, यह संभावना है कि ये लोग उसी खास मकसद से यहां रुके हुए थे. यहां रहने वालों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे. आग पर काफी जल्दी काबू पा लिया गया था. हमने अब इमारत को खाली करा लिया है और इसे पुलिस के लिए खोल दिया है.'

अधिकारी क्या बता रहे?

मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया, "जैसे ही आज सुबह मुझे यह जानकारी मिली, हमने अपनी टीम को सक्रिय किया और वहां से सभी बलों को सूचित किया. उन्हें घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया. मुझे ट्रेनिंग पर जाना था, लेकिन मैं ट्रेनिंग छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचा. हमें जानकारी मिली कि इस इमारत के नीचे एक रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था. आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन आशंका है कि उस रेस्टोरेंट की वजह से ही आग लगी है."

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उन्होंने आगे बताया, "अब तक कुछ शव बरामद कर अस्पताल भेजे जा चुके हैं और 7-8 अन्य लोग भी घायल हुए हैं. कुछ लोग तीसरे मंजिल से कूदे, स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा बिछाया और उन्हें बचाने का प्रयास किया. समय रहते बीएसईएस ने बिजली की आपूर्ति काट दी. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी जरूरी है. रेस्टोरेंट के लाइसेंस की जांच के लिए भी आदेश दिए गए है."

नेताओं के बयान आए सामने

मालवीय नगर अग्निकांड मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने दुख जताया है.

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए घटना पर दुख जताया. पीएमओ ने ट्वीट किया, 'दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है. PMNRF की ओर से, प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.'

सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मालवीय नगर में भीषण आग की घटना में हुई जान-माल की भारी क्षति से मैं अत्यंत दुखी हूं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की और इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति व साहस मिलने की प्रार्थना करती हूं. घटना की सूचना मिलते ही, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, DDMA, CATS एम्बुलेंस सेवा और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों की टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया और बचाव व राहत कार्य शुरू किए गए. उनकी त्वरित कार्रवाई की मदद से प्रभावित परिसर से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका.'

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है. प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता और सहयोग प्रदान किया जा रहा है. दुख की इस घड़ी में, दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है. हम इस त्रासदी से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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