दिल्ली के मालवीय नगर में हौज रानी इलाके के होटल फ्लोरिश स्टे B&B में लगी आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. आग के शोलों में खाक हो चुका मालवीय नगर का Flourish Hotel B&B तो एक बानगी भर है. यहां संकरे रास्तों, तंग गलियों के बीच ऐसे होटलों की भरमार है. कमाई के लालच में बिना मंजूरी 6-7 मंजिल के ऊंचे होटल यहां खड़े कर लिए गए, जिनमें एंट्री-एग्जिट के नाम पर एकमात्र रास्ता है. होटल के तहखानों में कमरों तक जाने के लिए सुरंगनुमा संकरी सीढ़ियां हैं, जो बताता है कि आग की छोटी सी चिंगारी कैसे ज्वालामुखी की तरह पूरी इमारत को राख कर सकती है. इन होटलों तक जाने वाली तंग गलियों में दो आदमी एक साथ नहीं निकल सकते. आग लगने के 24 घंटे के भीतर आसपास के होटल बंद हो गए और संचालक फरार हैं. अब यहां सन्नाटा पसरा है. सवाल है कि कैसे संकरी गलियों के अंदर B&B मॉडल के तहत ऐसे अवैध होटल चल रहे हैं. देखिए रवीश रंजन शुक्ला और तेजश्री की ग्राउंड रिपोर्ट...
दिल्ली में ऐसे 700 होटल धड़ल्ले से चल रहे
बाकायदा मालवीय नगर और दिल्ली के कई इलाकों में ऐसे ऐसे 700 के करीब होटल चल रहे हैं. इन होटलों में बीएंडबी का जिक्र किया गया है. लेकिन नगर निगम, अग्निशमन कर्मी या किसी एजेंसी की अनुमति नहीं लेनी पड़ती है. सीधे दिल्ली के पर्यटन विभाग से अनुमति से लेकर ये होटल चलाए जा रहे हैं. सर्वे करने आए अधिकारियों ने भी चुप्पी साधे रखी. नगर निगम कमिश्नर के साथ राजस्व विभाग की टीम इतने बड़े हादसे के बाद अब यहां सर्वे कर रही है, लेकिन सवाल है कि अब तक ये अफसर आंखें क्यों मूंदे रहे.
फ्लरिश स्टे से सिर्फ 100 मीटर दूर ग्रीन रेजिडेंस नाम का होटल भी है, जिसमें तमाम कमरे हैं, जबकि सिर्फ 6 कमरों की इजाजत बीएंडबी में है. यहां भी बेसमेंट होटल के कमरे मिले. यहां बाहर एसी कंप्रेशर भी लगा था, जिसमें लगी आग जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे होटल में वो लगने रहते आते हैं, जो अपने मरीजों की देखभाल के लिए इन मौत के कुओं के बीच रहने आते हैं. लेकिन ऐसे होटलों पर आंख मूंदने वाले अधिकारियों पर कब गाज गिरेगी. फ्लरिश स्टे के मालिक लवकेश बजाज के यहां कई और होटल हैं.
तहखाने में कमरे, सुरंग नुमा सीढ़ियां- दिल्ली के होटलों का हाल
होटल के बेसमेंट में भड़की आग
होटल के बेसमेंट में भड़की आग देखते ही देखते शोलों में बदल गई और पांच मंजिला इमारत कुछ ही मिनटों में ऊंची लपटों और धुएं के गुबार में कैद हो गई. होटल में मरीज और उनके तीमारदार थे, जो आसपास के अस्पतालों में इलाज और अच्छी जिंदगी की आस लेकर आए थे, लेकिन बदनसीबी ने उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया. मददगारों ने सड़क पर गद्दे बिछाए और कुछ खुशकिस्मत ऊपर से कूदकर जान बचाने में कामयाब रहे. करीब 35 लोगों को अंदर से निकाला भी गया. मगर 21 जानें बचाई नहीं जा सकीं.
बेसमेंट या मौत का कुआं
बेसमेंट के अंदर वेंटिलेशन की कोई जगह नहीं थी, उसके पीछे की ओर लोहे का जाल लगा हुआ था. अग्निशमन कर्मियों ने यहां स्थानीय लोगों की मदद से जाल काटा था और वहां बेसुध पड़े सात-आठ लोगों को बाहर निकाला था. ठीक बगल में होटल निकासा इन का भी यही हाल है, जहां बेसमेंट में होटल के कमरे बनाए गए थे. तहखाने के कमरों में सुबह के वक्त सो रहे लोगों के लिए ये मौत के जाल जैसा था, जहां आग लगने पर जिंदगी बचाने का कोई रास्ता नहीं था. यहां खाना बनाने की गतिविधियां भी यहां धड़ल्ले से चल रही थीं.
नगर निगम तीन में पूरी करेगा जांच
हौजरानी flourish Hotel अग्निकांड की जांच नगर निगम तीन दिन में पूरी करेगा. आज से निगम दिल्ली के कई इलाकों के होटल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस को लेकर अभियान चलाएगा. दिल्ली के पहाड़गंज में करीब 200 से ज्यादा होटल, महिपालपुर में 50 से ज्यादा, हौजरानी में दर्जन भर B&B योजना के तहत लाइसेंस वाले होटल खोले गए. ये सभी अब नगर निगम के राडार पर हैं.
Delhi Fire
B&B होम स्टे क्या है
B&B होम स्टे के तहत चलने वाले होटलों को Fire की NOC या लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होती है. बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B योजना) के तहत चलने वाले होटल दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग से लाइसेंस लेते हैं.कॉमनवेल्थ गेम्स में B&B योजना के तहत लाइसेंस देने का मकसद ख़ाली पड़े मकानों का उपयोग और उसके जरिये जीविका चलाने का मकसद था, लेकिन उसके बाद कागज़ों में अधिकतम 10 बेड दिखाकर लाइसेंस लेकर फिर उसे होटल में बदल देने के कई मामले सामने आए हैं. होटल महासंघ ने भी B&B योजना के दुरुपयोग की शिकायत सरकार से की थी.