दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल‑3 के पियर‑C से मई के पहले सप्ताह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा. अब तक घरेलू उड़ानों के लिए उपयोग होने वाला पियर‑C अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए समर्पित किया जा रहा है, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय यात्री संभालने की क्षमता में करीब 50 प्रतिशत का इजाफा होगा. इस बदलाव के साथ एयरपोर्ट हर साल लगभग एक करोड़ अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभाल सकेगा और टर्मिनल‑3 की कुल अंतरराष्ट्रीय क्षमता बढ़कर 30 से 32 मिलियन यात्रियों प्रति वर्ष हो जाएगी.
यात्रियों की सुविधा के लिए पियर‑C में कई नई व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं. यहां 12 नए सेल्फ‑बैगेज ड्रॉप काउंटर लगाए गए हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 26 हो गई है. इसके अलावा 20 नए इमिग्रेशन काउंटर, तेज सुरक्षा जांच के लिए 5 ATRS लेन और नई X‑BIS मशीनें लगाई गई हैं. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 16 नए बोर्डिंग गेट तैयार किए गए हैं, जबकि आगमन क्षेत्र में 40 अतिरिक्त BOI काउंटर बनाए गए हैं. आसान आवाजाही के लिए 3 नए एस्केलेटर और 4 लिफ्ट भी जोड़ी गई हैं.
इस बदलाव से एयरपोर्ट के संचालन में भी सुधार होगा. 16 कोड‑C स्टैंड के जरिए विमानों की पार्किंग और टर्नअराउंड समय कम होगा, जबकि A350 जैसे बड़े विमानों के लिए स्टैंड क्षमता में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. पीक ऑवर्स में यात्रियों की भीड़ संभालने की क्षमता भी लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी. इसके साथ ही नए लाउंज, स्पा, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, लक्ज़री ब्रांड स्टोर और अंतरराष्ट्रीय फूड चेन चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी. माना जा रहा है कि यह बदलाव अगले 8 से 10 वर्षों तक बढ़ते अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक को संभालने में मदद करेगा और दिल्ली एयरपोर्ट को एक प्रमुख वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा.
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