राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार एक ओर सैनिकों के कल्याण पर ध्यान दे रही है, तो दूसरी ओर सेना की मजबूती के लिए आधुनिक हथियारों और तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024‑25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.

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  • राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा को केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य बताया है.
  • देश की सुरक्षा की असली ताकत जनता की एकता, अनुशासन और जागरूकता से निर्धारित होती है.
  • सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है.
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लखनऊ:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा की असली ताकत जनता की एकता, अनुशासन और जागरूकता से तय होती है. रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सरकार कोई समझौता नहीं करती.

लखनऊ में वॉर हीरो और वीर नारियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में कोई भी व्यक्ति निष्क्रिय नहीं रह सकता. यदि भारत की सीमाओं पर नजर डालें, तो देश कई दुश्मन ताकतों से घिरा हुआ है. ऐसे में हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना होगा.

उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने, अफवाहों और गलत सूचनाओं से दूर रहने और व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रीय हित को रखने की अपील की. राजनाथ सिंह ने कहा कि जब देश कई शत्रु ताकतों से घिरा हो, तब हर संसाधन का सही और बेहतर उपयोग करना समय की मांग है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा.

सूचना के महत्व पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के समय में जानकारी एक शक्तिशाली हथियार बन चुकी है. गलत जानकारी और अफवाहें समाज में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं. उन्होंने मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मीडिया को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए और जनता तक केवल सही जानकारी ही पहुंचानी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि सनसनी फैलाने की होड़ में यदि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

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रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार एक ओर सैनिकों के कल्याण पर ध्यान दे रही है, तो दूसरी ओर सेना की मजबूती के लिए आधुनिक हथियारों और तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024‑25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. वहीं, वित्त वर्ष 2025‑26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने 2029‑30 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है.

कार्यक्रम के दौरान परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव सहित कई वीर सैनिकों और शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया. रक्षा मंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी वीरता की कहानियां युवाओं को प्रेरणा देती हैं और देशभक्ति, साहस व बलिदान की भावना को और मजबूत करती हैं.

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