विपक्षी गठबंधन को लेकर ममता बनर्जी से मुलाकात के एक दिन बाद अखिलेश यादव ने कांग्रेस को लेकर दिया ये संकेत...

अगले लोकसभा चुनाव में विपक्षी खेमे का चेहरा कौन होगा? इस सवाल पर यादव ने कहा कि चुनाव के बाद इसका फैसला किया जाएगा और अभी यह ‘‘उचित सवाल’’ नहीं है.

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नई दिल्ली:

ममता बनर्जी से मुलाकात के एक दिन बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने आने वाले दिनों में विपक्षी गठबंधन के आकार लेने का भरोसा जताते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ लड़ाई में क्षेत्रीय पार्टियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. हालांकि, इस प्रस्तावित विपक्षी मोर्चे में कांग्रेस की भूमिका पर यादव ने कहा कि यह कांग्रेस को तय करना है.साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम क्षेत्रीय दल हैं

उन्होंने कहा कि ‘विपक्षी गठबंधन या मोर्चा बनाने का प्रयास जारी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (अपनी ओर से) प्रयास कर रहे हैं. मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में, एक विपक्षी गठबंधन आकार लेगा, जो भाजपा के खिलाफ लड़ेगा.'' यह पूछे जाने पर कि क्या वह कांग्रेस और भाजपा को एक ही जैसा मान रहे हैं, सपा प्रमुख ने कहा कि विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय दल हैं जो भगवा खेमा से लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कई राज्यों में भाजपा की तुलना में कांग्रेस का अस्तित्व नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय पार्टियां भगवा खेमे के खिलाफ जी जान से लड़ रही हैं और मुझे उम्मीद है कि वे सफल होंगी.'' यह बताये जाने पर कि जद (यू), राजद और द्रमुक जैसे क्षेत्रीय दल विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करना चाहते हैं, तो यादव ने कहा कि उनका पहले से ही कांग्रेस से गठबंधन है. उन्होंने कहा, ‘‘यह बड़ी लड़ाई का सवाल है और कांग्रेस खुद इस लड़ाई में अपनी भूमिका तय करेगी.''

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अगले लोकसभा चुनाव में विपक्षी खेमे का चेहरा कौन होगा? इस सवाल पर यादव ने कहा कि चुनाव के बाद इसका फैसला किया जाएगा और अभी यह ‘‘उचित सवाल'' नहीं है.'' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘आप चेहरे की बात कर रहे हैं. 2014 और 2019 में (भाजपा के) चेहरे के बारे में क्या, जिन्होंने चुनाव जीतने के लिए झूठे वादे किए?'' सपा प्रमुख ने दावा किया कि 2014 और 2019 में भाजपा द्वारा किया गया कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया. यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी, जिसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. इस पर यादव ने आरोप लगाया कि अमेठी में सपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है.

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उन्होंने कहा, ‘‘अमेठी में हमारे कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सवाल कर रहे हैं कि उनके लिए कौन लड़ेगा. वहां समाजवादी कार्यकर्ता हैं जो एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं. कांग्रेस कार्यकर्ता हमारे समर्थन में नहीं आ रहे हैं.'' कांग्रेस नेता सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद हैं, जबकि उनके बेटे एवं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में हरा दिया था. यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा के रथ को रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

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उन्होंने कहा, ‘‘यदि भाजपा 2024 में सत्ता में आना चाहती है, तो उसे उत्तर प्रदेश में जीतना होगा. हम सुनिश्चित करेंगे कि भाजपा उत्तर प्रदेश के साथ देश में भी हारे. उत्तर प्रदेश में हम अपने मौजूदा सहयोगियों के साथ मिलकर लड़ेंगे.'' सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों में हाथ मिलाया था, लेकिन भाजपा से हार गई थीं. दो साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में, राज्य में सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस पार्टी को बाहर रखा गया था.

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