"हमीं को कातिल कहेगी दुनिया
हमारा ही कत्लेआम होगा
हमीं कुएं खोदते फिरेंगे
हमीं पर पानी हराम होगा
सन 1947 में जामा मस्जिद की तारीखी सीढ़ियों पर खड़े होकर भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब ने कहा था कि मुसलमानों कहां जा रहे हो. ये है तुम्हारा मुल्क. यहां तुम्हारे पूर्वजों की कब्रें हैं. उस वक्त मौलाना आजाद की ये सदाएं सुनकर के लोगों ने अपने सिरों की गठरियां उतारकर रख दी थीं. आज उसी दिल्ली में मौजूद देश की संसद में एक बिल आया है, जो हमसे उसी जामा मस्जिद की सीढ़ियों के सुबूत मांगेगा..." राज्यसभा में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) पर कुछ इस अंदाज में अपने भाषण की शुरूआत की.
इमरान प्रतापगढ़ी (Congress MP Imran Pratapgarhi) ने आरोप लगाया कि सरकार इस विधेयक के जरिए मुसलमानों की संपत्तियों को जब्त करने और समुदाय को हाशिए पर धकेलने की साजिश कर रही है. सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है. ये संपत्तियां ब्रिटिश काल में मुसलमानों ने धार्मिक कार्यों के लिए दान की थीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री और अल्पसंख्यक मंत्री ने सदन में झूठ बोला. कांग्रेस सांसद ने कहा कि गृहमंत्री ने वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होने की बात कही, जो झूठ है, वक्फ एक्ट 1995 की धारा 83(9) के तहत हाई कोर्ट में अपील की जा सकती है. इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि वक्फ ट्रिब्यूनल कोई मजहबी खाप नहीं.
इमरान प्रतापगढ़ी ने बीजेपी पर कसा तंज
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल को मुस्लिम महिलाओं के हित में बता रही है, जबकि हकीकत यह है कि यह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक राजनीतिक एजेंडा है. उन्होंने तंज कसा कि जिस पार्टी के पास न तो लोकसभा में और न ही राज्यसभा में कोई मुस्लिम महिला सांसद है, वह मुसलमानों के हित की बात कर रही है. इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 26 धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है, लेकिन, इस बिल के जरिए सरकार धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को जब्त करने के बजाय उनकी रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश हमारा है, हम कहीं नहीं जाएंगे. हमारी पहचान को कोई मिटा नहीं सकता. उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों ने इस देश के लिए जान दी है और जरूरत पड़ी तो आगे भी देंगे.
इमरान प्रतापगढ़ी ने वक्फ की जमीन पर क्या कहा
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कल किरेन रिजिजू कह रहे थे कि रेलवे की जमीन देश की जमीन है, डिफेंस की जमीन देश की जमीन है. हां, तो मंत्री जी, वक्फ की जमीन भी तो मुस्लिमों की जमीन है. हमारे पुरखों ने इन जमीनों को हमारे धार्मिक कामों के लिए डोनेट किया है. हम भी तो इसी देश के नागरिक हैं. हम भी तो इसी देश के बेटे हैं. वक्फ की जमीन में भी तो इसी देश की जमीन है. उनको पराया क्यों बोलते हैं?
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश की आजादी में हमारा भी योगदान है. अशफाकुल्लाह खान जब फैजाबाद की जेल में फांसी के फंदे पर झूल रहे थे, इसी जमीन के लिए झूल रहे थे. इमरान प्रतापगढ़ी ने इस दौरान मौलाना शेर खान अफरीदी से लेकर महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर उस्मान और परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की चर्चा की. उन्होंने आगे कहा, "जब भी इस देश की जमीन को लहू की जरूरत होगी, मंत्री जी आपसे दो कदम आगे इमरान खड़ा मिलेगा. यह मैं आपको यकीन दिलाते हुए कह रहा हूं."