Coal Crisis: रेलवे ने कहा, 'कोयला ढुलाई के लिए हमारे पास रैक की कोई कमी नहीं'

 रेलवे ने कहा कि सितंबर 2021 से लेकर फरवरी 2022 तक हर रोज़ 305 रैक से कोयले की ढुलाई हो रही थी. कोयला मंत्रालय की मांग के बाद फरवरी में ही इसको हर दिन बढ़ाकर 396 रैक किया गया.

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देश में एक बार फिर कोयले की कमी के कारण बिजली संकट की आशंका व्यक्त की जा रही है
नई दिल्ली:

देश में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट की आशंका व्यक्त की जा रही है. हालांकि रेलवे की तरफ से कहा गया है कि कोयला ढुलाई के लिए हमारे पास रैक की कोई कमी नहीं. इंडियन रेलवे की तरफ से कहा गया है कि हमने जरूरत के हिसाब से इसकी संख्या को बढ़ाया है.  रेलवे ने कहा कि सितंबर 2021 से लेकर फरवरी 2022 तक हर रोज़ 305 रैक से कोयले की ढुलाई हो रही थी. 

कोयला मंत्रालय की मांग के बाद फरवरी में ही इसको हर दिन बढ़ाकर 396 रैक किया गया. फरवरी में प्रतिदिन इसको बढ़ाकर 405 कर दिया गया है. फिर, इसी साल 19 अप्रैल को कोयले के संकट पर कोयला, ऊर्जा और रेल मंत्रालय की एक मीटिंग में रेलवे से कोयले की ढुलाई के लिए और रैक की मांग की गई थी. रेलवे ने इसके लिए 415 रैक देने का वादा किया था और फिलहाल उसने 410 रैक मुहैया करा दिया है.

रेलवे के सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय की तरफ से पावर मिनिस्ट्री को करीब 5 दिन पहले एक चिट्ठी भी लिखी गई है जिसमें कोयले की मालगाड़ियों से जल्द लोड और अनलो़ड करने जैसी मांग की गयी है. ताकि रैक का दोबारा जल्दी इस्तेमाल किया जा सके. रेलवे की तरफ से यह भी कहा गया है कि  मालगाड़ियों पर ओवर साइज़ के कोयले और बोल्डर को लोड कर दिया जाता है. जिससे अनलोडिंग में ज़्यादा समय लगता है. इस दौरान रेलवे का रैक फंसा रहता है.

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