- दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन जारी हैं.
- सोमवार को विपक्षी नेता सीजेआई से मिलने वाले हैं. लेकिन सीजेआई ने कांग्रेस नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया है.
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीजेआई ने कहा कि हमें राजनीतिक दल के डेलीगेशन से मिलने की अनुमति नहीं है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के नेता बीते कई दिनों से दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर धरना, प्रदर्शन कर रहे हैं, मार्च निकाल रहे हैं. बीते दिनों अपनी इसी मांग पर राहुल गांधी सहित प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की थी. अब सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं का सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत से मिलने का प्रोग्राम प्रस्तावित है. लेकिन देर रात विश्वसनीय सूत्रों से जो जानकारी सामने आई, उसके अनुसार सोमवार को सीजेआई कांग्रेस नेताओं ने नहीं मिलेंगे. सूत्रों के अनुसार CJI सूर्यकांत ने कांग्रेस नेताओं से मिलने से इनकार किया है. CJI की ओर से कांग्रेस को जवाब भेजा गया है, जिसमें CJI की ओर से मीटिंग पर सहमति ना देने के कई कारण भी दिए गए हैं.
CJI ने कहा- हमारे पास राजनीतिक पार्टी के डेलीगेशन से मिलने का अधिकार नहीं
CJI सूर्यकांत की ओर से कांग्रेस को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि जिन मुद्दों पर मिलना चाहते हैं वो अदालत में लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट को इस तरह प्रशासनिक स्तर पर किसी राजनीतिक पार्टी के डेलीगेशन से मिलने की कोई पावर नहीं है. उसकी शक्ति याचिका दाखिल होने पर सुनवाई कर फैसला देने की है.
सीजेआई की ओर से भेजे गए जवाब में यह भी कहा गया है कि न्यायिक क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए 24 घंटे खुले हैं. सुप्रीम कोर्ट हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.अगर कांग्रेस इस मामले में याचिका दाखिल करती है तो सुप्रीम कोर्ट लंबित मामलों के साथ मंगलवार को सुनवाई को तैयार है.
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट मार्च का किया है आवाह्न
बताते चले कि हाल के दिनों में दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. राहुल गांधी ने इस मार्च को किसी एक पार्टी का प्रदर्शन बनाने के बजाय देश के नागरिकों की आवाज बनाने की अपील की है. उनका कहना है कि पार्टी, जाति, धर्म, लिंग और राज्य की पहचान से ऊपर उठकर लोग भारतीय नागरिक के तौर पर मार्च में शामिल हों.
विपक्ष इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर वोट चोरी के आरोपों, SIR पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेगा. इसमें कांग्रेस, सपा, शिवसेना सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की जानकारी है.
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