छत्तीसगढ़ शराब 'घोटाला': ईडी ने 121 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की

ED ने एक बयान में कहा कि PMLA के तहत अनंतिम रूप से कुर्क की गई संपत्तियों में टुटेजा की 8.83 करोड़ रुपये मूल्य की 14 संपत्तियां, अनवर ढेबर की 98.78 करोड़ रुपये की 69 संपत्तियां और त्रिपाठी की 1.35 करोड़ रुपये की एक संपत्ति शामिल है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर ED का बड़ा एक्शन (प्रतीकात्मक चित्र)
नई दिल्ली:

छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रायपुर के महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक अरुण पति त्रिपाठी सहित अन्य की 121 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को यह जानकारी दी.

ED ने एक बयान में कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अनंतिम रूप से कुर्क की गई संपत्तियों में टुटेजा की 8.83 करोड़ रुपये मूल्य की 14 संपत्तियां, अनवर ढेबर की 98.78 करोड़ रुपये की 69 संपत्तियां और त्रिपाठी की 1.35 करोड़ रुपये की एक संपत्ति शामिल है.

इसमें कहा गया कि राज्य की राजधानी रायपुर में अनवर ढेबर की फर्म ए ढेबर बिल्डकॉन के तहत आने वाले होटल वेनिंग्टन कोर्ट को भी कुर्क कर लिया गया है. ED के अनुसार, इसी आदेश के तहत विकास अग्रवाल उर्फ ​​सुब्बू की 1.54 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों और अरविंद सिंह की 11.35 करोड़ रुपये मूल्य की 32 संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है. कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 121.87 करोड़ रुपये है.

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2022 में आयकर विभाग द्वारा आईएएस के अधिकारी टुटेजा और अन्य के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में दायर किए गए आरोपपत्र से संबंधित है. इस मामले में अब तक अनवर ढेबर, त्रिपाठी और दो अन्य को ईडी ने गिरफ्तार किया है.

Featured Video Of The Day
West Asia War में Oil से Water तक पहुंचा भयानक युद्ध, Desalination Plants क्यों बने Targets? | Iran
Topics mentioned in this article