"हनुमान जयंती के लिए केंद्रीय बल मंगाएं..": रामनवमी हिंसा के बाद बंगाल सरकार से कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा

अर्धसैनिक बलों को मंगाने का आदेश रामनवमी के जुलूस के दौरान बंगाल के हावड़ा और हुगली जिलों में हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में आया है.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
कोलकाता (प.बंगाल):

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आज ममता बनर्जी सरकार से हनुमान जयंती समारोह के दौरान शांति बनाए रखने के लिए केंद्र से अर्धसैनिक बलों की मांग करने को कहा है. यह आदेश रामनवमी के जुलूस के दौरान बंगाल के हावड़ा और हुगली जिलों में हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में आया है.

अदालत ने राज्य पुलिस को उन क्षेत्रों में रूट मार्च करने का निर्देश दिया जहां हनुमान जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा. अदालत ने कहा कि रामनवमी के दौरान और उसके बाद सांप्रदायिक हिंसा के बाद जिन क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू है, वहां किसी भी रैली की अनुमति नहीं दी जाएगी. अर्धसैनिक बल विश्वास पैदा करेंगे और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.

अदालत ने कहा, "अगर स्थानीय पुलिस को शांति भंग होने की आशंका है, तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए. रोकथाम इलाज से बेहतर है. राज्य पुलिस को अर्धसैनिक बलों की सहायता लेने का निर्देश दिया जाता है."

कोर्ट ने राज्य प्रशासन से अपने खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी कहा. अदालत ने कहा कि हावड़ा के शिबपुर में छतों से पथराव किया गया. अगर ख़ुफ़िया जानकारी होती तो इस तरह के पूर्व नियोजित हमलों को रोका जा सकता था. ख़ुफ़िया तंत्र को मज़बूत किया जाना चाहिए.

Advertisement

अदालत ने संवेदनशील स्थिति को देखते हुए ऐसे त्योहारों के आयोजन पर किसी भी सार्वजनिक बयान के खिलाफ भी चेतावनी दी. अदालत ने राज्य से कहा कि केंद्रीय बलों की मांग करने का उसका आदेश राज्य तंत्र की विफलता नहीं है, बल्कि राज्य तंत्र की सहायता के लिए एक कदम है.

Featured Video Of The Day
बंगाल में फिर नवाब का दौर! मुर्शिदाबाद से चलेगी सरकार, हुमायूं कबीर ने बता दी प्लानिंग
Topics mentioned in this article