बीएमसी चुनाव 2026: क्या बीजेपी का मुकाबला कर पाएंगे ठाकरे ब्रदर्स, क्या कहते हैं आकंड़े

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनाव का मतदान 15 जनवरी को कराया जाएगा. लेकिन इस बार का मुकाबला किसी भी दल या गठबंधन के लिए आसान नहीं है. बदले गठबंधन और हालात में पढ़ें चुनाव की पूरी कहानी.

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नई दिल्ली:

महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव हो रहे हैं. इसके लिए मतदान 15 जनवरी को होगा. इन चुनावों की मतगणना का काम 16 जनवरी को कराया जाएगा. जिन नगर निगमों में चुनाव कराया जा रहा है, उनमें मुंबई का बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमएसी)सबसे बड़ा नगर निगम है. बीएमएसी 227 सदस्य हैं. पिछले तीन चुनाव से 227 में 75 से 85 तक सीटें जीतने वाली शिव सेना का बीएमएसी में शिवसेना का दबदबा रहा है.पिछले तीन बार से  बीएमसी में शिव सेना की सरकार रही हैं. लेकिन इस बार हालात थोड़ा अलग हैं. आइए जानते हैं कि बीएमसी के पिछले तीन चुनावों में कैसा रहा है किस पार्टी का प्रदर्शन. 

बीएमसी में शिव सेना बनाम बीजेपी

बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में कराया गया था. इसमें 227 में 84 सीटों पर शिवसेना ने जीत दर्ज की थी. वहीं बीजेपी ने 82, कांग्रेस ने 31, एनसीपी ने नौ, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सात और अन्य ने 14 सीटों पर कब्जा जमाया था.

इसी तरह से 2012 के चुनाव में 75 सीटों पर शिवसेना ने जीत दर्ज की थी. वहीं बीजेपी ने 31, कांग्रेस ने 52, एनसीपी ने 13, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 28 और अन्य ने 28 सीटों पर कब्जा जमाया था.वहीं 2012 के चुनाव में शिवसेना ने 84 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं बीजेपी ने 28, कांग्रेस ने 71, एनसीपी ने 14, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सात और अन्य ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 

लेकिन 2017 और 2026 के बीच स्थितियों में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है. इन सालों में शिव सेना का बंटवारा हो चुका है. शिवसेना ने जब 2017 का चुनाव लड़ा था, तो वह महाराष्ट्र की बड़ी पार्टी थी. बीजेपी उसके साथ थी. लेकिन नवंबर 2019 में बीजेपी के साथ उसका 35 साल पुराना गठबंधन टूट गया था. बाद में शिव सेना ने एनसीपी और कांग्रेस से हाथ मिला लिया था. कहा जाता है कि इससे नाराज होकर उद्धव ठाकरे की सरकार में मंत्री रहे एकनाथ शिंदे उससे अलग हो गए थे.शिंदे के अलग होने से शिव सेना दो टुकड़ों में टूट गई थी. 

बीजेपी से अलग होने और पार्टी के दो धड़ों में बंट जाने के बाद उद्धव ठाकरे की शिव सेना पहली बार बीएमसी का चुनाव लड़ा रही है. उसे अपनी शक्ति के कमजोर होने का अंदाजा है, इसलिए उनसे बीएमसी चुनाव के लिए राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से भी हाथ मिला लिया है. 

इस बीएमसी चुनाव से पहले केवल शिव सेना ही नहीं टूटी है, राज्य की एक और बड़ी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी दो टुकड़ों में बंट चुकी है. इसमें से एक धड़े का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक शरद पवार कर रहे हैं तो दूसरे का नेतृत्व उनके भतीजे और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार कर रहे हैं. 

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महाराष्ट्र में कहां कहां हो रहे हैं नगर पालिका के चुनाव

मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल,नासिक, मालेगाव, अहिल्यानगर, जलगाव, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली-मिराज-कुपवाड, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़-वाघाला, परभणी, जालना, लातूर, अमरावती, अकोला, नागपुर और चंद्रपुर ये चुनाव कराए जा रहे हैं. 

बीएमसी के चुनाव करीब साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद कराए जा रहे हैं.

कितने साल बाद कराए जा रहे हैं बीएमसी के चुनाव

बीएमसी के पार्षदों का कार्यकाल सात मार्च, 2022 को खत्म हो गया था. उसके बाद से बीएमसी का कामकाज अधिकारी-प्रशासक संभाल रहे थे. बीएमसी का चुनाव फरवरी 2022 में होना था, लेकिन अलग-अलग कारणों से चुनाव स्थगित कर दिए गए. अब लगभग साढ़े तीन साल बाद मुंबई नगर निगम के चुनाव कराए जा रहे हैं. 

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