- कर्नाटक पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की अगवानी के लिए सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद नहीं थे
- बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर जर्मन चांसलर की अनदेखी करके राहुल गांधी को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया
- जर्मन चांसलर का हवाई अड्डे पर स्वागत करने के लिए राज्य मंत्री एम.बी. पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे थे
कर्नाटक की राजनीति में मंगलवार को उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया, जब बीजेपी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तवज्जो देने का गंभीर आरोप लगा दिया.
कर्नाटक दौरे पर गए थे जर्मन चांसलर
दरअसल, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ दो दिवसीय भारत यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ बेंगलुरू पहुंचे थे. उनके दौरे का मकसद निवेश, तकनीक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया. हालांकि जर्मन चांसलर की अगवानी करने के लिए न तो सीएम सिद्धारमैया और न ही डिप्टी सीएम शिवकुमार एयरपोर्ट पर मौजूद थे. हवाई अड्डे पर मर्ज का स्वागत राज्य मंत्री एम.बी. पाटिल और अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों ने किया.
बीजेपी ने सीएम, डिप्टी सीएम को घेरा
बीजेपी ने इसे मुद्दा बना लिया और आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने जर्मन चांसलर के महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे की अनदेखी की और इसके बजाय राहुल गांधी की अगवानी करने चले गए, जो ऊटी (तमिलनाडु) जाने के दौरान मैसूर से गुजर रहे थे. बीजेपी ने इसे गलत प्राथमिकता और राज्य के हितों से खिलवाड़ करार दिया.
ये महज प्रोटोकॉल की चूक नहींः आर. अशोक
विधानसभा में नेता विपक्ष आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री को सुनिश्चित करना चाहिए था कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक जर्मनी के प्रमुख का स्वागत पूरी गंभीरता के साथ किया जाए.
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि यह महज प्रोटोकॉल की चूक नहीं है बल्कि दिखाता है कि कांग्रेस सरकार के लिए कर्नाटक की ग्लोबल इमेज से ज्यादा महत्वपूर्ण अपने हाईकमान को खुश करना और राजनीतिक वफादारी निभाना है. उन्होंने इसे कर्नाटक के भविष्य और विकास के प्रति सरकार की उपेक्षा करार दिया.
कांग्रेस पर वैश्विक नेता की अनदेखी का आरोप
आर. अशोक ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस उस समय तो बहुत शोर मचाती है जब उनके नेताओं को विदेशी नेताओं के सम्मान में आयोजित भोज में आमंत्रित नहीं किया जाता, लेकिन जब कोई बड़ा वैश्विक नेता खुद उनके राज्य में आता है तो वो अनदेखी करते हैं.
बता दें, जर्मन चांसलर मर्ज़ ने अपने बेंगलुरु दौरे में बॉश के कैंपस और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग का दौरा किया. मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में राज्य के भारी एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने चांसलर का स्वागत किया और शाम को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें विदाई दी.














