UGC के नए नियम पर बीजेपी MLA अनिल सिंह ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल

हिसुआ से बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि नए नियमों से यह संदेश जा रहा है कि जैसे भेदभाव केवल सामान्य वर्ग के लोग करते हैं. उन्होंने कहा, 'मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में जाकर देखिए. क्या कोई सामान्य वर्ग का छात्र भेदभाव कर ले और वह सुरक्षित बच जाए? कॉलेजों में ऐसा नियम होना चाहिए जिसमें सामान्य वर्ग के छात्र और शिक्षक भी अपनी बात रख सकें.'

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नवादा (बिहार):

बिहार के हिसुआ से बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने UGC के नए नियमों को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को जारी किए गए नए नियमों में कई गंभीर कमियां हैं, जिन पर तत्काल सुधार जरूरी है. अनिल सिंह ने नवादा के हिसुआ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 2012 के नियम बेहतर थे, क्योंकि उस समय SC/ST के साथ-साथ OBC को भी शिकायत दर्ज कराने का स्पष्ट अधिकार था. लेकिन नए नियमों में कई बदलाव ऐसे किए गए हैं जो, उनके अनुसार, 'सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव का संकेत देते हैं.'

'सामान्य वर्ग को भेदभाव करने वाला साबित करने की कोशिश'

बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि नए नियमों से यह संदेश जा रहा है कि जैसे भेदभाव केवल सामान्य वर्ग के लोग करते हैं. उन्होंने कहा, 'मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में जाकर देखिए. क्या कोई सामान्य वर्ग का छात्र भेदभाव कर ले और वह सुरक्षित बच जाए? कॉलेजों में ऐसा नियम होना चाहिए जिसमें सामान्य वर्ग के छात्र और शिक्षक भी अपनी बात रख सकें.'

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झूठी शिकायतों पर कार्रवाई का प्रावधान हटाने पर नाराजगी

अनिल सिंह ने यह भी कहा कि 2012 के नियमों में झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान था, लेकिन नए UGC नियमों से इसे हटाया गया है. विधायक के अनुसार, 'जब तक झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कानून निष्पक्ष नहीं माना जा सकता. कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल तभी बेहतर होगा जब डर समाप्त होगा.'

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'कमेटी में हमारे लोगों को देखना चाहिए था'

बीजेपी विधायक ने कहा कि उनकी पार्टी के जिन सदस्यों, सांसदों, राज्यसभा सदस्यों और मंत्रियों ने इस कमेटी में काम किया, उन्हें इन बारीकियों को बेहतर ढंग से देखना चाहिए था. उन्होंने टिप्पणी की, 'मुझे लगता है कि दिग्विजय सिंह ने अपनी राजनीति कर ली. आज देश में सामान्य वर्ग के छात्र, शिक्षक और कुलपति चिंतित हैं. किसी के मन में चिंता नहीं होनी चाहिए. भेदभाव किसी के साथ भी नहीं होना चाहिए.'

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'सरकार तक बात पहुंचाऊंगा'

अनिल सिंह ने कहा कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से सरकार तक पहुंचाएंगे और जनता से भी विनम्रतापूर्वक अपनी बात रखने की अपील की. उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं. मोदी किसी के साथ भेदभाव नहीं होने देंगे. आप सभी पढ़िए और आगे बढ़िए.'

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बता दें कि अनिल सिंह चार बार- 2005, 2010, 2015 और 2025 में नवादा के हिसुआ विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं.

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