- असम में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी और हिमंता बिस्वा सरमा ने चार मंत्रियों के साथ शपथ ली.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले और दूसरे कार्यकाल में नियमित रूप से मंत्रिमंडल का विस्तार किया था.
- वर्तमान मंत्रिमंडल में 72 सदस्य हैं, जबकि अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए विस्तार की संभावना है.
असम में आज तीसरी बार एनडीए की सरकार बन गई. गुवाहाटी में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी में हिमंता बिस्वा सरमा ने चार मंत्रियों के साथ शपथ ली. इससे पहले 9 मई को कोलकाता में बीजेपी की पहली पश्चिम बंगाल सरकार का शपथ ग्रहण हुआ था. इसी तरह बिहार और उत्तर प्रदेश में भी एनडीए सरकारों का मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है. अब सभी की नजरें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर टिकी हैं कि वे अपनी टीम का गठन कब करते हैं. इसी के साथ केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं.
कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा
इस महीने की 26 तारीख को केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनने के 12 साल पूरे हो रहे हैं, जबकि अगले महीने की 9 तारीख को मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे हो जाएंगे. यदि पिछले दो कार्यकालों पर नजर डालें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में सरकार गठन के छह महीने बाद नवंबर 2014 में पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. इसके करीब डेढ़ साल बाद जुलाई 2016 में दूसरा विस्तार हुआ और सितंबर 2017 में पहले कार्यकाल का अंतिम विस्तार किया गया, जिसमें कई मंत्रियों को प्रमोशन मिला. दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने जुलाई 2021 में, यानी सरकार बनने के करीब दो साल बाद पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, जबकि मई 2023 में विभागों का फेरबदल हुआ था. पीएम मोदी ने 9 जून 2024 को तीसरी बार शपथ ली थी और अब दो साल पूरे होने वाले हैं. ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. फिलहाल मंत्रिमंडल में 72 सदस्य हैं, जबकि अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में जहां कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है, वहीं प्रदर्शन के आधार पर कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा भी है. माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले सात राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधा जाएगा.
नितिन नवीन की टीम के गठन को लेकर भी चर्चाएं शुरू
इसी तरह बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम के गठन को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही नितिन नवीन अपनी टीम की घोषणा कर सकते हैं. वे 20 जनवरी को पार्टी अध्यक्ष चुने गए थे और पार्टी नेताओं के अनुसार इसके लिए होमवर्क लगभग पूरा हो चुका है. माना जा रहा है कि युवा अध्यक्ष के साथ काम करने के लिए अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं को भी टीम में जगह दी जाएगी, ताकि भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार किया जा सके. नितिन नवीन की टीम में 50 साल से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता मिल सकती है, जबकि कुछ अनुभवी नेता भी इसमें शामिल रहेंगे. टीम गठन में क्षेत्रीय संतुलन के साथ आने वाले चुनावों को भी ध्यान में रखा जाएगा.
राष्ट्रीय महासचिवों के पद पर कई नए चेहरों को लाया जा सकता है
बीजेपी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय महासचिवों के पद पर कई नए चेहरों को लाया जा सकता है. इन्हें राज्यों से राष्ट्रीय स्तर पर लाया जाएगा, ताकि नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार हो सके और युवा अध्यक्ष के साथ तालमेल बना रहे. नई टीम में महिलाओं को खास तवज्जो दिए जाने की भी संभावना है, जिससे महिला आरक्षण को लेकर मोदी सरकार की पहल को मजबूती मिल सके.
आरएसएस और बीजेपी नेतृत्व के बीच लंबे समय तक मंथन चला
पार्टी नेताओं के अनुसार जिस तरह नितिन नवीन के चयन को लेकर आरएसएस और बीजेपी नेतृत्व के बीच लंबे समय तक मंथन चला, उसी तरह उनकी टीम के गठन को लेकर भी गहन विचार-विमर्श किया गया है. आरएसएस चाहता है कि टीम में ऐसे लोगों को जगह मिले जो विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हों, संगठन को मजबूती दे सकें और कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क बनाए रखें. साथ ही आने वाले 15–20 वर्षों के लिए पार्टी की दिशा और दशा तय करने में सक्षम हों. इस लिहाज से नितिन नवीन की टीम को काफी अहम माना जा रहा है.
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