- लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं दिया जाएगा, लेकिन विवाद जारी है.
- बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल गांधी के भाषण से आपत्तिजनक अंश हटाने का औपचारिक नोटिस जारी किया है.
- लोकसभा सचिवालय ने बुधवार रात राहुल के भाषण के कुछ हिस्से रिकॉर्ड से हटा दिए थे, पर बीजेपी को यह अपर्याप्त लगा.
लोकसभा में कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अब स्पष्ट हो गया है कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस नहीं दिया जाएगा.
हालांकि, बीजेपी उनके भाषण से आपत्तिजनक हिस्से हटाने को लेकर अब भी अड़ी हुई है. बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल गांधी द्वारा बजट चर्चा के दौरान कहे गए कुछ अंशों को रिकॉर्ड से हटाने (expungement) का औपचारिक नोटिस जारी किया है.
रात में हटाए गए थे राहुल के भाषण के कुछ हिस्से
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय ने बुधवार रात को ही राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंश रिकॉर्ड से हटा दिए थे. लेकिन बीजेपी को यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं लगी. इसलिए चीफ व्हिप संजय जायसवाल की ओर से अलग से नोटिस दिया गया है.
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हरदीप पुरी पर लगाए आरोपों का जवाब खुद पुरी देंगे
राहुल गांधी ने अपने भाषण में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर कुछ आरोप लगाए थे. संसदीय परंपरा के अनुसार, इन आरोपों का जवाब खुद पुरी सदन में देंगे.
निशिकांत दुबे ने अलग से ‘Substantive Motion' दिया
इसके अलावा बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ अलग से एक substantive motion दायर किया है. यह प्रक्रिया सामान्य नोटिस से अलग होती है. यदि लोकसभा अध्यक्ष इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो इस पर चर्चा और मतदान होगा और प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में राहुल गांधी की सदस्यता तक प्रभावित हो सकती है.
निशिकांत दुबे का बिरला को पत्र
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि राहुल गांधी के कथित 'अनैतिक आचरण' की जांच के लिए संसदीय समिति बनाई जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी सांसद सदस्यता खत्म करने पर भी विचार हो.
दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर ऐसे बयान दिए जो देश की एकता और संस्थाओं की गरिमा को चोट पहुंचाते हैं.
उन्होंने कहा कि राहुल ने 11 फरवरी के भाषण में पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब का गलत संदर्भ देकर सेना, रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.
दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल विभिन्न मंत्रालयों पर 'बिना प्रमाण' आरोप लगाते रहते हैं और उनकी विदेश यात्राओं व फंडिंग पर भी सवाल हैं. पत्र में कहा गया है कि मामले की जांच जरूरी है. राहुल या कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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'चाहो तो हमें फांसी पर लटका दो'
राहुल गांधी को लेकर बीजेपी सांसदों के हमले और नोटिस देने पर कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि इनका दोहरा मापदंड है. राहुल गांधी के शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया लेकिन निर्मला सीतारमण की वैसे ही बातों को रहने दिया गया है. पिछली बार राहुल गांधी की सदस्यता ले ली. लेकिन लोगों ने उन्हें मोदी से भी बड़े अंतर से चुन कर भेजा. हमें किसी नोटिस से फर्क नहीं पड़ता. चाहो तो हमें फांसी पर लटका दो!













