बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने अचानक एक अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता ललन सिंह, संजय झा समेत कई विधायक पहुंचे. सीएम आवास पर हुई इस बैठक को सत्ता परिवर्तन से पहले के महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि नीतीश कुमार के जल्द इस्तीफा देने की अटकलों के बीच नए मुख्यमंत्री को लेकर कवायद तेज हो गई है.
CM Nitish Kumar Meeting Updates:
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने विधायक पद से इस्तीफे को लेकर बिहार विस अध्यक्ष को इंतजार कराया
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार रविवार को उस समय हैरान रह गए जब उन्हें बताया गया कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ‘‘आपात स्थिति’’ के कारण पटना से चले गए हैं, जबकि उन्हें (नवीन को) विधायक पद से इस्तीफा देने के लिए अध्यक्ष के चैंबर में पहुंचना था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कुमार एक दिन पहले दिल्ली में थे, जब उन्हें बिहार की राजधानी में वापस बुलाया गया और यह संदेश दिया गया कि दो सप्ताह पहले राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए बांकीपुर के विधायक नवीन विधानसभा सीट खाली करना चाहते हैं.
बिहार : कांग्रेस विधायक कुशवाहा की जद(यू) नेता से मुलाकात पर पार्टी में दरार की अटकलें
कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात की, जिससे पार्टी के भीतर दरार की अटकलें तेज हो गई हैं. कुशवाहा हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में मतदान से दूर रहे थे. हालांकि, वाल्मीकि नगर के विधायक कुशवाहा ने पत्रकारों से कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री चौधरी के साथ बैठक उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास परियोजनाओं से संबंधित थी.
30 मार्च तक इस्तीफा नहीं दिया तो भी नहीं जाएगी नीतीश - नितिन की सदस्यता
बिहार में राज्यसभा चुनाव के बाद चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को 30 मार्च तक बिहार विधानमंडल की सदस्यता छोड़नी होगी. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनकी राज्यसभा की सदस्यता चली जाएगी. इसके लिए संवैधानिक व्यवस्था और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला दिया जा रहा है. यहां तक कि बिहार में मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि नीतीश कुमार को 14 दिनों में अपनी सदस्यता छोड़नी होगी. इस हिसाब से नीतीश कुमार को 30 मार्च तक इस्तीफा देना ही होगा. कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की लोकसभा सदस्यता भी इसी आधार पर खत्म हुई थी. हालांकि पूरे मामले की पड़ताल करने पर यह साफ हुआ है कि नीतीश कुमार और नितिन नबीन 30 मार्च तक विधानमंडल की सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए बाध्य नहीं हैं.
क्या हैं नियम?
पूरे मामले में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 101 (2) का जिक्र आ रहा है. इसके तहत यह प्रावधान है कि कोई व्यक्ति एक ही समय में संसद (लोकसभा/राज्यसभा) और राज्य के विधानमंडल (विधानसभा/ विधानपरिषद) दोनों का सदस्य नहीं हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो उसे एक निश्चित समय सीमा के अंदर एक सदन से त्यागपत्र देना होगा. समय सीमा का निर्धारण राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए नियम से तय होगा. प्रोहिबिशन ऑफ सिमुल्टनियस मेंबरशिप रूल्स 1950 में इसकी समय सीमा तय की गई है. इस नियम में तहत दो सदनों के सदस्य निर्वाचित होने की स्थिति में व्यक्ति को 14 दिनों के अंदर अपना पद छोड़ना होगा. यह 14 दिन तब से गिने जाएंगे जब परिणाम का प्रकाशन केंद्रीय या राज्य गजट में होगा. यानी कि निर्वाचन की तारीख और गजट का प्रकाशन अलग - अलग होगी. ऐसे में कोई भी व्यक्ति इस्तीफा गजट नोटिफिकेशन के 14 दिनों के अंदर देने के लिए बाध्य होता है न कि निर्वाचन की तारीख से. राज्यसभा चुनाव के परिणामों का गजट प्रकाशन अब तक नहीं हुआ है, ऐसे में नीतीश कुमार पर विधान परिषद की सदस्यता त्यागने की बाध्यता नहीं है.
सीएम आवास में बैठक खत्म, बाहर निकले नीतीश कुमार; ललन सिंह और विजय चौधरी साथ मौजूद
बिहार में मुख्यमंत्री आवास में चल रही अहम बैठक खत्म हो गई है. बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक आवास से बाहर निकलते दिखे. इस दौरान उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे. सीएम आवास से नेताओं के निकलने के बाद सियासी हलकों में हलचल और तेज हो गई है.
इस्तीफे से पहले नीतीश कुमार की अहम बैठक हुई खत्म
सीएम पद से इस्तीफा देने से पहले नीतीश कुमार ने एक अहम बैठक बुलाई थी. सीएम आवास पर हो रही ये बैठक खत्म हो चुकी है.
नीतीश कुमार कब छोड़ेंगे सीएम पद?
नियमानुसार, राज्यसभा सदस्य चुने जाने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना होता है. ऐसे में नीतीश कुमार 30 मार्च को MLC पद छोड़ सकते हैं. उसके बाद वह 10 अप्रैल को नितिन नवीन के साथ राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेंगे. इसके अलावा इसी दिन शिवेश राम, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे.
नीतीश कुमार बिहार की सेवा के लिए ही बने हैं : श्याम रजक
बिहार के पूर्व मंत्री और जदयू के नेता श्याम रजक ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा जाने की इच्छा थी और नियति ने यही तय किया था, लेकिन यह भी सही है कि इस फैसले से बिहार के लोग मर्माहत हैं. बिहार के लोग नहीं चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार से जाएं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा है कि वे अपना अधिकांश समय बिहार को ही देंगे. सभी लोग जानते हैं कि नीतीश कुमार जो कहते हैं, वह करते हैं.
सीएम नीतीश की बैठक में कौन-कौन पहुंचा
बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने अचानक एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह, संजय झा समेत कई विधायक पहुंचे हैं. इस बैठक को सत्ता परिवर्तन से पहले के महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने बुलाई अहम बैठक
बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी. उन्होंने अचानक एक अहम बैठक बुलाई है.














