ओडिशा में अवैध बम तैयार करते हुए फटा, संदिग्ध आरोपी और मां की मौत, CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा इलाके में शनिवार को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है. इस घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसमें विस्फोट की भयावहता साफ देखी जा सकती है.

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ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा इलाके में शनिवार को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है. इस घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसमें विस्फोट की भयावहता साफ देखी जा सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.

यह दर्दनाक घटना सुंदरपाड़ा के आजाद नगर इलाके की है. सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट उस समय हुआ, जब एक घर की छत पर कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री को हैंडल किया जा रहा था. धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनाई दी. धमाके की आवाज सुनकर लोग बदहवास होकर अपने घरों से बाहर निकल आए. 

प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस को शक है कि घर के भीतर अवैध रूप से विस्फोटक उपकरण (बम) तैयार किए जा रहे थे. शाहनवाज मलिक, उसका सहयोगी अमिया मलिक, शाहनवाज की मां और एक अन्य साथी इस गतिविधि में कथित तौर पर शामिल थे. जांच टीम ने घटनास्थल से भारी मात्रा में बारूद बरामद किया है, जिससे बम बनाने की आशंका की पुष्टि होती है.

डीसीपी का बयान: "बड़ी साजिश की थी तैयारी"

अब तक की जांच में पता चला है कि इस ब्लास्ट का मुख्य आरोपी शाहनवाज मलिक (26) था. उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है. उसकी मां लिजातुन बीबी (51)  दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दो अन्य व्यक्ति, तृप्तिमायी महल (23), मलिक की मंगेतर, एक हिंदू महिला, जो विस्फोट के समय घटनास्थल पर मौजूद थी और उसका करीबी सहयोगी अमिया मल्लिक (27), एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में हैं. खबरों के मुताबिक, मलिक ही मुख्य "बम निर्माता" था और विस्फोट के समय वह अपने घर की छत पर उच्च श्रेणी के विस्फोटक पदार्थों को संभाल रहा था. विस्फोट में घायल हुए दोनों लोगों से पुलिस जल्द ही पूछताछ करेगी; दोनों का विस्फोट के बाद इलाज चल रहा है.


आरोपी शाहनवाज एक बड़े विस्फोट के लिए विस्फोटक बना रहा था. भुवनेश्वर पुलिस ने विस्फोट स्थल से प्रतिबंधित विस्फोटक बरामद किए. शाहनवाज मलिक और उसके साथियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया. अधिकारियों को संदेह है कि फोन पर वीडियो के माध्यम से दिए गए निर्देशों से "विस्फोटक" को सक्रिय अवस्था में लाया जा रहा था. दो क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन बरामद किए गए और डेटा विश्लेषण के लिए एफएसएल को भेजे गए. 

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डीसीपी जगमोहन मीना ने पहले कहा था, “घायल मुख्य व्यक्ति के पहले से सात आपराधिक रिकॉर्ड थे. इनमें विस्फोटक कृत्य और हत्या का प्रयास शामिल है. शाहनवाज मलिक ऐसे मामलों में सहयोगी था. ऐसा प्रतीत होता है कि वे किसी आपराधिक गतिविधि की योजना बना रहे थे, जिसके लिए वे बम बना रहे होंगे. विस्फोटक बनाते समय हुए विस्फोट में उसकी मां और दो अन्य दोस्तों सहित चार लोग घायल हो गए.” उन्होंने आगे कहा कि गुप्त रूप से रखे गए विस्फोटकों की जांच के लिए तलाशी अभियान चलाया जाएगा.
 

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