1 जनवरी से क्यों बंद हो रहा है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर? दर्शन के लिए जाने से पहले जान लें ये जरूरी अपडेट

महाराष्ट्र का प्रसिद्ध भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर 1 जनवरी 2026 से अगले 3 महीनों के लिए बंद होने जा रहा है. प्रशासन ने यह कड़ा फैसला क्यों लिया? क्या भक्तों को दर्शन का कोई और विकल्प मिलेगा? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

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1 जनवरी से बदल जाएगा भीमाशंकर मंदिर! 3 महीने के लिए दर्शन बंद, जानें सीएम फडणवीस का 'AI सुरक्षा' वाला मास्टरप्लान

Pune News: देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, महाराष्ट्र के पुणे स्थित भीमाशंकर मंदिर (Bhimashankar Temple) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अगर आप नए साल (2026) की शुरुआत भगवान शिव के दर्शन के साथ करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. प्रशासन ने मंदिर को अगले 3 महीने के लिए बंद करने का निर्णय लिया है.

भीमाशंकर मंदिर बंद होने का मुख्य कारण क्या है?

भीमाशंकर मंदिर को बंद करने का निर्णय किसी धार्मिक कारण से नहीं, बल्कि विकास कार्यों (Development Plan) की वजह से लिया गया है. मंदिर के मुख्य 'सभा मंडप' पर नए सिरे से काम किया जाना है. चूंकि निर्माण कार्य मुख्य मंदिर परिसर के भीतर होगा, इसलिए भारी भीड़ के बीच किसी भी अनहोनी या चोट के खतरे को टालने के लिए प्रशासन ने भक्तों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है. अगले 8 दिनों में प्रशासनिक स्तर पर अंतिम निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य का विस्तृत खाका तैयार होगा.

नवीनीकरण के चलते लिया गया फैसला
मंदिर प्रशासन के आधिकारिक बयान के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. इस अवधि के दौरान मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर विकास और नवीनीकरण के कार्य किए जाने हैं.

परिसर में होंगे ये बड़े बदलाव
मुख्य मंदिर और आसपास के परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा.भक्तों के लिए कतार व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा. सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाएगा और मंदिर के आधारभूत ढांचे को मजबूती दी जाएगी.

'हाई-टेक' होने जा रहे हैं महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर मंदिर में होने वाला यह बड़ा बदलाव दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस खास विजन का हिस्सा है, जिसके तहत महाराष्ट्र के सभी ज्योतिर्लिंग मंदिरों को दुनिया के बेहतरीन धार्मिक स्थलों की तरह विकसित किया जा रहा है. सीएम फडणवीस ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, बल्कि उनकी सुरक्षा भी अभेद्य हो. इसके लिए भीमाशंकर, औंधा नागनाथ और घृष्णेश्वर मंदिरों में आधुनिक AI आधारित सुरक्षा सिस्टम लगाया जाएगा, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लेने में सक्षम होगा.

'पर्यटन बढ़ेगा, पर्यावरण का संरक्षण होगा'

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अब मंदिर परिसरों में 288.17 करोड़ रुपये से शानदार वेटिंग रूम, पीने का साफ पानी, ठहरने के लिए बेहतर आवास, पार्किंग और आधुनिक भोजनालय जैसी सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है. मुख्यमंत्री का मानना है कि इन विकास योजनाओं से न केवल पर्यटन बढ़ेगा और पर्यावरण का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे. इन ऐतिहासिक मंदिरों के महत्व को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से जरूरी मंजूरी लेकर काम को तेजी से पूरा करने की तैयारी है, ताकि भक्तों को जल्द ही एक नया और सुरक्षित अनुभव मिल सके.

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मिशन 2027: कुंभ मेले की बड़ी तैयारी

प्रशासन का लक्ष्य 2027 में नासिक में होने वाले कुंभ मेले से पहले इन सभी कार्यों को पूरा करना है. कुंभ के दौरान भीमाशंकर में उमड़ने वाली लाखों अतिरिक्त श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए यह इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. सरकार का इरादा कुंभ मेले से पहले श्रद्धालुओं को एक विश्वस्तरीय अनुभव देना है.

भक्तों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

जब मुख्य मंदिर निर्माण कार्य के लिए बंद होगा, उस दौरान दैनिक पूजा-अर्चना और वैकल्पिक दर्शन के लिए क्या इंतज़ाम होंगे, इसकी जानकारी देवस्थान ट्रस्ट जल्द ही सार्वजनिक करेगा.

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क्या अभी दर्शन किए जा सकते हैं?

जी हां! यदि आप दर्शन करना चाहते हैं, तो आपके पास 31 दिसंबर 2025 तक का समय है. क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के कारण मंदिर में भारी भीड़ होने की संभावना है, इसलिए मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना इसी के अनुसार बनाएं.

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