बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झड़प, कई जगह TMC- बीजेपी कार्यकर्ताओं में मारपीट

बंगाल में विधानसभा के चुनाव प्रचार के दौरान कई जगहों से टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई है. भाजपा का आरोप है कि निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती आवश्यक है, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रभावी ढंग से उसकी तैनात नहीं कर रही है.

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बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झड़प

बंगाल में काफी तेजी के साथ चुनाव प्रचार चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अमित शाह, राहुल गांधी और ममता बनर्जी ताबड़तोड़ रैलियां और जनसभाएं संबोधित कर रहे हैं. इसी बीच मंगलवार को बंगाल में अलग-अलग जगहों पर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प की घटनाएं सामने आईं. जिसमें कई लोगों को चोट आई है. इस दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और मारपीट कर रहे लोगों को अलग किया है. भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने एक दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. 

ढापा इलाके कार्यकर्ताओं में झड़प

जानकारी के मुताबिक, पूर्वी कोलकाता के ढापा इलाके में टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. यह घटना तब घटी जब एंटाली से भाजपा प्रत्याशी प्रियंका तिबरेवाल कोलकाता नगर निगम के वार्ड 58 में चुनाव प्रचार कर रही थीं. लाउडस्पीकर पर गाने बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद जल्द ही हाथापाई में तब्दील हो गया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने स्थिति नियंत्रित करते हुए तिबरेवाल और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं को इलाके से बाहर निकाला. 

भाजपा प्रत्याशी तिबरेवाल ने इस घटना के बाद तंगरा और प्रगति मैदान थानों के प्रभारी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे एक कार्यकर्ता को बुरी तरह पीटा गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. हिंसा में कुछ महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुईं. तृणमूल समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि 29 अप्रैल को स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान न हो सके.”

तिबरेवाल का आरोप है कि ढापा और तंगरा क्षेत्रों में प्रचार करने की अनुमति होने के बावजूद, भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा था. निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती आवश्यक है, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रभावी ढंग से उसकी तैनात नहीं कर रही है.

वहीं, आरोपों का खंडन करते हुए तृणमूल प्रत्याशी संदीपन साहा ने भाजपा पर तनाव बढ़ाने और मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया, “भाजपा अशांति पैदा करने और विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता ने ऐसे हथकंडों को खारिज कर दिया है.” टीएमसी उम्मीदवार ने कहा कि चूंकि प्रशासन निर्वाचन आयोग के अधीन है, इसलिए कोई भी शिकायत सीधे आयोग को भेजी जानी चाहिए. 

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फालाकाटा में भाजपा प्रत्याशी पर हमला

वराहनगर थाने का घेराव

इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल समर्थकों के साथ झड़प के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के उत्तरी इलाके में वराहनगर थाने का घेराव किया. वराहनगर से भाजपा प्रत्याशी सजल घोष ने आरोप लगाया कि एक सभा से लौट रहे पार्टी के चार समर्थकों के साथ तृणमूल कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से मारपीट की. हालांकि, तृणमूल उम्मीदवार सायंतिका बंद्योपाध्याय ने इस घटना को भाजपा की अंदरुनी कलह का परिणाम बताया और घोष पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. 

फालाकाटा पर भाजपा प्रत्याशी पर हमला

वहीं, अलीपुरदुआर जिले की फालाकाटा विधानसभा क्षेत्र में मारपीट की घटना हुई. बीजेपी उम्मीदवार दीपक बर्मन पर कथित रूप से हमला किया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है. जानकारी के अनुसार, कादंबिनी चाय बागान क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया. इस दौरान उनके साथ मौजूद वाहन चालक को गंभीर चोट आई और उसका सिर फट गया. इससे पहले भी फालाकाटा के देवगांव इलाके में दीपक बर्मन पर हमला हुआ था, जिसमें उनके एक पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए थे. 

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