वो पुणे से मुंबई काम की तलाश में आई थी. पढ़ी-लिखी ज्यादा नहीं थी, सिर्फ 10वीं तक पढ़ाई की थी, इसलिए कहीं अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई. सपने बड़े थे और जल्दी उड़ान भरने की इच्छा, ऐसे में बार गर्ल बन गई. लेकिन बार गर्ल की चाकाचौंध भरी जिंदगी के पीछे अश्विनी पॉल एक अलग ही जिंदगी जी रही थी, जिससे पर्दा उसकी गिरफ्तारी के साथ उठा है. अश्विनी पॉल बार गर्ल से ड्रग सप्लायर बन गई, जो मुंबई में पार्टी ड्रग्स और कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स को ड्रग सप्लाई करने वाले गिरोह का मुख्य सदस्य है.
बार गर्ल से ड्रग सप्लायर बनी अश्विनी पॉल
मुंबई पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए अश्विनी पॉल नामक महिला को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि कभी बार गर्ल के रूप में काम करने वाली अश्विनी अब राज्य भर में पार्टी ड्रग्स की सप्लाई करने वाली एक मुख्य कड़ी बन चुकी थी. वह मुंबई में होने वाली लगभग सभी बड़ी पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी. उधर, कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स को भी ये गिरोह निशाना बना था. इन्हें रंगबिरंगी ड्रग्स की गोलिया सप्लाई करती थी.
अश्विनी पॉल कैसे बनी ड्रग सप्लायर?
अश्विनी पॉल जब बार गर्ल थी, तभी उसके कॉन्टेक्ट में कई गैंगस्टर्स आए. इन्हीं में से एक के साथ उसकी दोस्ती कुछ ज्यादा ही गहरी हो गई. इतनी गहरी कि जब वह गेल में बंद था, तब भी अश्विनी पॉल उसे मिलने जाया करती थी. यहीं से उसे ड्रग्स के धंधे में जाने का रास्ता मिला. पुलिस के अनुसार, अश्विनी पॉल का पार्टनर पहले से ही जेल में बंद था. उससे मिलने के लिए जब अश्विनी जेल जाती थी, तो वहीं उसकी मुलाकात ड्रग तस्कर इरफान से हुई. इरफान ने अश्विनी को पैसों का लालच दिया और उसे नशीली दवाओं की तस्करी की काली दुनिया में शामिल कर लिया.
मुंबई से राज्य भर में फैलाया नशे का जाल
अश्विनी पॉल मूल रूप से पुणे की रहने वाली है और सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़ी है. साल 2012 में वह काम की तलाश में मुंबई आई थी और एक बार में काम करने लगी थी. इसके बाद वह जेल में इरफान के संपर्क में आई और ड्रग तस्करी की काली दुनिया में कदम रख दिये. अश्विनी पॉल के सपने बहुत बड़े थे. इसलिए उसने कुछ ही सालों में मुंबई से राज्यभर में नशे का कारोबार फैला दिया. इस बीच ही वह पुलिस के टारगेट पर आ गई.
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कॉलेज जाने वाले युवाओं को बनाती थी निशाना
अश्विनी पॉल ने ड्रग्स के कारोबार में उतरने के बाद मुंबई महानगर सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मांग के अनुसार ड्रग्स की सप्लाई शुरू कर दी. पुलिस जांच में पता चला है कि अश्विनी मुख्य रूप से कॉलेज जाने वाले युवाओं को निशाना बनाती थी. वह नशीली गोलियों को 1,500 से 2,000 रुपये के बीच बेचती थी. पुलिस ने अश्विनी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. मोबाइल के डेटा और चैट्स के जरिए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन-किन बड़े तस्करों के संपर्क में थी और इस अवैध धंधे से उसने अब तक कितनी संपत्ति अर्जित की है.
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