- भारत और बांग्लादेश के बीच वर्तमान में राजनीतिक और सामाजिक तनाव के कारण रिश्ते पहले से ज्यादा खराब हैं
- बांग्लादेश के राजदूत रियाज हमीदुल्लाह ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए सांस्कृतिक सम्मान व्यक्त किया
- बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हिंदू समुदाय को बसंत पंचमी की बधाई दी
भारत और बांग्लादेश के बीच आज जितने खराब रिश्ते हैं, वैसे पहले कभी नहीं रहे. बांग्लादेश की क्रिकेट टीम ने भारत में खेलने से मना कर दिया है. बांग्लादेश में भी हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है. इन सबको लेकर दोनों मुल्कों के बीच जबरदस्त तनाव है. इन सबके बीच भारत में बांग्लादेश के राजदूत रियाज हमीदुल्लाह ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी हैं.
रियाज हमीदुल्लाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक वीडियो पोस्ट कर बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी हैं. इसे पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, 'ज्ञान की देवी और हंसों की रानी, देवी सरस्वती के सम्मान में बांग्लादेश और भारत के इस त्योहार के दिन ज्ञान और बुद्धि की गर्म रोशनी हम सभी के बीच संगीत की तरह तालमेल के साथ फैले. सभी को सरस्वती पूजा की शुभकामनाएं.'
इससे पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी हिंदू समुदाय को इसकी बधाई दी थी. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है, जहां सभी धर्मों के लोग शांति से एक साथ रहते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरस्वती पूजा की सच्ची भावना समाज की भलाई के लिए ज्ञान और शिक्षा का इस्तेमाल करने में है.
बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन होती है. इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है. भारत की तरह ही बांग्लादेश में भी बसंत पंचमी को धूमधाम से मनाया जाता है. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रामकृष्ण मठ, सिद्धेश्वरी मंदिर, शंकरीबाजा और रमणा काली मंदिर जैसी जगहों पर बसंत पंचमी मनाई जा रही है.














