- अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणों से सूर्य तिलक का आयोजन किया जाएगा
- सूर्य तिलक का यह धार्मिक अनुष्ठान दोपहर बारह बजे लगभग चार मिनट तक होगा और इसे बीस साल तक जारी रखा जाएगा
- आयोजन के लिए वैज्ञानिकों ने कई ट्रायल रन किए हैं ताकि सूर्य की किरणें रामलला के माथे पर सटीक रूप से पड़ सकें
भगवान राम की नगरी अयोध्या में आज रामनवमी की धूम है. भक्त रामलला का जन्मोत्सव मनाने के लिए जुट रहे हैं. अयोध्या का नजारा आज बहुत ही दिव्य और भव्य होगा. वजह है रामलला का सूर्य तिलक. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के बाल स्वरूप रामलला का ‘सूर्य तिलक' किया जाएगा. इसके लिए खास तैयारियां की गई हैं. इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए देश ही नहीं दुनियाभर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं. रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे ये अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा.
रामलला के मस्तक पर ठहरेंगी सूर्य की किरणें
गर्भगृह में स्थित रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणें करीब चार मिनट तक ठहरेंगी. यह क्षण बहुत ही दिव्य और ऐतिहासिक होगा. दुनियाभर से पहुंचे श्रद्धालु इस पल के साक्षी बनने का इंतजार कर रहे हैं. रामलला का सूर्य तिलक ठीक से हो सके इसके लिए इंजीनियर लगातार काम में जुटे हैं. जानकारी के मुताबिक, राम नवमी से पहले दो से तीन ट्रायल रन किए गए हैं, ताकि सूर्य किरणों का संरेखण बिल्कुल सटीक रहे.राम मंदिर ट्रस्ट के फैसले के मुताबिक, बीस साल तक लगातार सूर्य तिलक होता रहेगा. श्राी रामजन्मोत्सव पर सूर्य तिलक का धार्मिक महत्व है. भगवान राम सूर्यवंशी थे यानी सूर्य उनके कुल देवता हैं.
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अयोध्या में राम नवमी कार्यक्रम की पूरी लिस्ट
- श्री राम जन्मभूमि मंदिर पूरे दिन खुला रहेगासुबह 6:30 बजे से अनुष्ठान शुरू होकर 11:00 बजे तक चलेंगे
- कपाट बंद नहीं किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें
- दोपहर 12:00 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा
- सूर्य की किरणों से रामलला के मस्तक पर “सूर्य तिलक” का दिव्य दृश्य दिखाई देगा
- पूरे आयोजन का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के जरिए किया जाएगा
- देश-विदेश के लोग भी रामलला के दर्शन कर सकेंगे
- रामलला को लगभग छह क्विंटल पंजीरी व 56 भोग का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा
- मंदिर परिसर में लगातार बधाई गान का आयोजन होगा
- राम परिवार के दरबार में भी विशेष कार्यक्रम होंगे
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन मार्ग पर मैट, छाया और अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी
- फूल बंगला झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी
- शाम को मंदिर का शिखर भव्य फसाड लाइटिंग से जगमगा उठेगा
रामलला के सूर्य तिलक का पुराना वीडियो देखें
रामलला के सूर्य तिलक का आइडिया कहां से आया?
रामनवमी पर श्री रामलला का सूर्य तिलक पीएम नरेंद्र मोदी की सोच का नतीजा है. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस बात का खुलासा किया था. उन्होंने मीडिया को बताया था कि रामनवमी पर भगवान सूर्य की किरणों से रामलला के माथे पर तिलक की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी. उन्होंने चार साल पहले इस विचार को व्यक्त किया था, जिसके बाद वैज्ञानिकों ने इस पर कार्य शुरू किया. यह तकनीक न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैज्ञानिक कौशल का भी परिचय देती है.
अयोध्या में रामनवमी पर भक्तों की भारी भीड़
रामनवमी के लिए अयोध्या में पिछले कई दिनों से भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है. चैत्र राम नवमी मेला चल रहा है. जिसके लिए लगातार श्रद्धालु राम नगरी पहुंच रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया, 'हर दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं.'













