- एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, दलित समुदाय में एलडीएफ का जादू लगातार बढ़ रहा है
- एलडीएफ को इस बार 57 प्रतिशत दलित वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछली बार से 9% अधिक है
- एग्जिट पोल सर्वे में यूडीएफ को 33 फीसदी दलित वोट मिलने का अनुमान है, जो पिछली बार से 2 पर्सेंट कम है.
केरलम विधानसभा चुनाव को लेकर एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में दिलचस्प तस्वीर सामने आई है. इसकी मानें तो एलडीएफ के नेता पिनाराई विजयन का हैट्रिक लगाने का सपना भले ही टूटता दिख रहा हो, लेकिन दलित (SC) समुदाय में एलडीएफ का जादू लगातार बढ़ रहा है. सर्वे में एलडीएफ को 9 फीसदी दलित वोटों का फायदा होने का अनुमान लगाया गया है.
एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल ने 140 सदस्यीय केरलम विधानसभा में सत्ताधारी एलडीएफ को 49 से 62 के बीच सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है. वहीं विपक्षी यूडीएफ के खाते में 78-90 सीटें आने की संभावना जताई है. अगर ये अनुमान सच साबित हुए तो विजयन का लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का सपना टूट सकता है.
केरलम में दलित समुदाय के वोटरों की संख्या लगभग 10 फीसदी मानी जाती है. एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, केरलम के एससी (SC) मतदाताओं में से 57 फीसदी ने इस बार एलडीएफ को अपना वोट दिया है. यह आंकड़ा पिछली बार से 9 प्रतिशत अधिक है. यह दिखाता है कि वाम मोर्चे का पारंपरिक वोट बैंक अब भी मजबूती से उसके साथ है.
सर्वे में यूडीएफ (UDF) को दलितों के 33 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. पिछली बार से इसमें 2 पर्सेंट की गिरावट आने की आशंका जताई गई है. एक्सिस माय इंडिया का आकलन है कि एनडीए को दलित समुदाय के वोटों में 3 फीसदी का नुकसान हो सकता है और उसे महज 9 फीसदी एससी वोट मिल सकते हैं. इस सर्वे में एनडीए को 0-3 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है.
एलडीएफ को जहां दलित वोटों का फायदा होने की भविष्यवाणी की गई है, वहीं 13 पर्सेंट वोटर बेस वाला नायर समुदाय उससे किनारा करता हुआ बताया गया है. इस समुदाय के 6 फीसदी वोट इस बार एलडीएफ से छिटक सकते हैं और नायर समुदाय से 34 फीसदी वोट ही उसे मिलने की संभावना जताई गई है.
23 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले एझावा समुदाय के एलडीएफ वोट इस बार भी कायम रह सकते हैं. इस समुदाय का 47% वोट एलडीएफ के खाते में जाता दिख रहा है, जो पिछली बार से 1% अधिक है. यहां यूडीएफ को 8 पर्सेंट का बड़ा नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है, जिसका सीधा फायदा एनडीए को मिलने की संभावना जताई गई है. सर्वे की मानें तो एनडीए एझावा समुदाय में 7% की सेंधमारी करते हुए 23% वोट शेयर हासिल कर सकता है.













