केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर थी कि राज्य की ईसाई और मुस्लिम आबादी का रुख क्या रहेगा. ये दोनों मिलकर लगभग आधे वोटों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में जिस भी तरफ इनका रुझान रहेगा, उसे बढ़त मिलने की पूरी उम्मीद रहेगी. एक्सिस माय इंडिया ने एग्जिट पोल में अनुमान लगाया है कि ईसाई वोटों के मामले में विपक्षी यूडीएफ बाजी मार सकती है.
केरल में ईसाई समुदाय की आबादी लगभग 19 फीसदी है. एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल की मानें तो केरलम के इस विधानसभा चुनाव में विपक्षी यूडीएफ को 60 ईसाइयों के फीसदी वोट मिल सकते हैं. पिछले बार से इनके वोट शेयर में 17 फीसदी का बड़ा इजाफा हो सकता है. सत्ताधारी एलडीएफ को 9 फीसदी वोटों का नुकसान हो सकता है और वह 34 पर्सेंट ईसाई वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रह सकती है.
एग्जिट पोल के मुताबिक, ईसाई वोटों के मामले में एनडीए को भी झटका लग सकता है और 2 पर्सेंट वोटों के नुकसान के साथ उसकी झोली में महज 5 पर्सेंट ईसाई वोट आ सकते हैं. अन्य उम्मीदवारों को 6 पर्सेंट ईसाई वोटों का नुकसान हो सकता है और इस बार 1 पर्सेंट क्रिश्चियन वोट मिलने की संभावना है.
अगर मुस्लिम वोटों की बात करें तो राज्य में इनकी संख्या लगभग 26 प्रतिशत मानी जाती है. एक्सिस माय इंडिया की मानें तो इनमें से सबसे ज्यादा 63 फीसदी मुस्लिम वोट यूडीएफ के खाते में जा सकते हैं. इस मामले में पिछली बार से उसे 17 फीसदी का बंपर फायदा हो सकता है.
एलडीएफ की बात करें तो एग्जिट पोल के मुताबिक, उसे 17 पर्सेंट मुस्लिम वोटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है और उसे सिर्फ 31 फीसदी मुसलमानों के वोट मिल सकते हैं. एनडीए को 2 पर्सेंट और अन्य उम्मीदवारों को 4 पर्सेंट मुस्लिम वोट मिलने की संभावना एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में जताई गई है.
राज्य के हिंदू और अन्य समुदायों के वोटों की बात करें तो एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि यूडीएफ को जहां 6 फीसदी वोटों का फायदा हो सकता है, वही एलडीएफ को 8 पर्सेंट वोटों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
हिंदू और अन्य वोटों के मामले में बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए की स्थिति सुधर सकती है और उसे 5 पर्सेंट वोटों का फायदा होकर इस वर्ग के 25 फीसदी उसकी झोली में आ सकते हैं. हालांकि एग्जिट पोल की यह तस्वीर कितनी हकीकत में बदलती है, इसका पता 4 मई को चुनाव नतीजों से ही लगेगा.














