- एग्जिट पोल के अनुसार हिमंता बिस्वा सरमा फिर से असम में सरकार बनाने के प्रमुख दावेदार हैं
- कांग्रेस गठबंधन को किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों से पिछले चुनाव की तुलना में अधिक वोट मिले हैं
- हिमंता असम के 48 प्रतिशत मतदाताओं की पहली पसंद हैं जबकि कांग्रेस के गौरव गगोई 32 प्रतिशत लोगों की पसंद हैं
असम विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने में अभी चार दिन बाकी हैं लेकिन एग्जिट पोल्स ने पहले ही अनुमान जता दिया है कि राज्य में कौन सरकार बनाने जा रहा है. एक्सिस माय इंडया एग्जिट पोल के मुताबिक, हिमंता बिस्बा सरमा फिर से सरकार बना सकते हैं. एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन का हैट्रिक लगाने का अनुमान है. ऐसा नहीं हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर नहीं बढ़ा. कांग्रेस गठबंधन को पहले के मुकाबले ज्यादा वोट मिले हैं. लेकिन फिर भी एनडीए का आकड़ा उससे ज्यादा है.
असम विधानसभा चुनाव में किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों ने कांग्रेस गठबंधन को पहले से ज्यादा वोट दिए हैं. कांग्रेस गठबंधन को मजदूरों ने 36 प्रतिशत वोट दिए हैं, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 6 प्रतिशत ज्यादा हैं. वहीं किसानों ने 41 प्रतिशत वोट देकर कांग्रेस गठबंधन पर भरोसा जताया है, जो कि पहले के मुकाबले 9 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं 38 प्रतिशत बेरोजगारों ने भी गठबंधन पर भरोसा जताया है, ये भी पहले की तुलना में 9 प्रतिशत ज्यादा है. मतलब साफ है है कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों पर असम के लोगों का भरोसा पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हुआ है. लेकिन फिर भी एनडीए गठबंधन के सामने वह टिक नहीं सका.
दरअसल बेरोजगारों में एनडीए गठबंधन को 49 प्रतिशत वोट दिए हैं, जिसमें पहले के मुकाबले 2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. वहीं 53 प्रतिशत छात्रों ने, 45 प्रतिशत मजदूरों ने, 47 प्रतिशत किसानों ने बीजेपीऔर उसके सहयोगियों पर भरोसा जताया है. ये भरोसा पहले की तुलना में बढ़ा है. वोट शेयर बढ़ने के बाद भी आकड़ों के गेम में कांग्रेस गठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है.
बीजेपी के हिमंता बिस्बा सरमा असम के 48 प्रतिशत वोटर्स की पहली पसंद हैं. जबकि कांग्रेस के गौरव गगोई 32 प्रतिशत वोटर्स की पसंद हैं. मतलब यह कि हिमंता के चाहने वाले ज्यादा हैं. असम में बीजेपी 2016 से लगातार सरकार में बनी हुई है. पहली बार सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पार्टी ने कांग्रेस के तरुण गोगोई को हराकर सरकार बनाई थी. फिर 2021 में जीत के बाद कांग्रेस से बीजेपी में आए हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री बनाया गया. घुसपैठियों के खिलाफ उनकी आक्रामक रणनीति, असमिया मुद्दों पर जोरदार तरीके से बात रखने की शैली को लोग खूब पसंद कर रहे हैं.













