- असम चुनाव से पहले सरकार में मंत्री नंदिता गरलोसा भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गई.
- अब नंदिता गरलोसा दिमा हसाओ जिले के हाफलोंग से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी.
- CM हिमंता बिस्वा सरमा ने गरलोसा के घर जाकर मुलाकात की, लेकिन बैठक की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई.
असम विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है और टिकट भी बंट चुके हैं. हालांकि इसके बावजूद एक दल छोड़कर दूसरे दल का दामन थामने का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. असम की हिमंता बिसवा सरकार में मंत्री नंदिता गरलोसा रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं. गरलोसा ने यह कदम असम विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद उठाया है. असम कांग्रेस की मीडिया टीम ने हाफलोंग में गरलोसा के पार्टी में शामिल होने की एक तस्वीर साझा की है.
असम कांग्रेस की मीडिया टीम की ओर से जारी तस्वीर में राज्य की खेल और युवा कल्याण मंत्री गरलोसा हाफलोंग से कांग्रेस नेता निर्मल लंगथासा और अन्य लोगों के साथ नजर आ रही हैं. कांग्रेस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गरलोसा असम विधानसभा चुनाव में दिमा हसाओ जिले के हाफलोंग जिले से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी.
गरलोसा को टिकट देने पर लंगथासा ने जताई सहमति
कांग्रेस ने पहले इस सीट से अपने राज्य इकाई के महासचिव निर्मल लंगथासा को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्होंने ‘व्यापक जनहित' में गरलोसा को पार्टी का टिकट देने पर सहमति जताई है.
पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल हो गई हैं. वह पिछले पांच वर्षों से दीमा हसाओ की आवाज रही हैं और उन्होंने हमेशा अपने विश्वासों तथा सिद्धांतों के लिए दृढ़ता से खड़ी रही हैं.''
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गरलोसा के घर भी पहुंचे सीएम सरमा
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य की खेल और युवा कल्याण मंत्री को भाजपा में इसकी कीमत चुकानी पड़ी क्योंकि हिमंता बिस्वा सरमा को केवल आदिवासियों की जमीनें बड़ी कंपनियों को बेचने में दिलचस्पी है.
गरलोसा निवर्तमान विधानसभा में हाफलोंग का प्रतिनिधित्व करती हैं. भाजपा ने इस बार इस सीट से रुपाली लांगथासा को अपना उम्मीदवार बनाया है.
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को हाफलोंग स्थित गरलोसा के घर गए. हालांकि सरमा और गरलोसा ने बैठक के नतीजों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की.
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा जबकि नतीजे चार मई को आएंगे.













