भारतीय सेना लगातार अपनी ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करती रही है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यह देखने को मिला. उत्तरी कमान के कमांडर‑इन‑चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने उधमपुर में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महज 88 घंटों में भारतीय सेना ने सात आतंकी शिविरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जबकि नियंत्रण रेखा के पास मौजूद कई लॉन्च पैडों को भी तबाह किया गया.
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान लॉन्च पैडों पर की गई फायरिंग में दुश्मन को करारा नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने बताया कि उत्तरी कमान के प्रत्येक सैनिक ने इस अभियान में अपनी क्षमता, साहस और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि यह कहना उचित होगा कि उत्तरी कमान सटीकता और कुशलता के हर पैमाने पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है.
निर्णायक जीत का आधार जमीनी वर्चस्व
इसके साथ ही आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कहा कि आज भी निर्णायक जीत का आधार जमीनी वर्चस्व ही है. हालांकि युद्ध का स्वरूप अब पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गया है. इसमें समाज, उद्योग, प्रौद्योगिकी, कूटनीति, प्रतिरोध, सैन्य शक्ति और राजनीतिक इच्छाशक्ति का संयुक्त प्रभाव निर्णायक भूमिका निभाता है.
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टेक्नोलॉजी और इनोवेशन दिला रहे बढ़त
उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक, सटीक हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और काउंटर‑बैलेंस सिस्टम आधुनिक युद्ध को नया आकार दे रहे हैं. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन भारतीय सेना को बढ़त दिला रहे हैं और एक राष्ट्र के रूप में भारत नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.














