पाकिस्तान के 8 पोस्ट, दो निगरानी कैमरों को किया तबाह, मिला वीर चक्र, जांबाज ने बताई उस दिन की कहानी

Army Day Special: Op Sindoor में दुश्मन की पोस्ट को धुआं-धुआं करने वाले वीर योद्धा ने NDTV से कई राज खोले. नायब सूबेदार सतीश कुमार (वीर चक्र) ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. जहां उन्होंने बताया कैसे मोर्टार की आग से पाकिस्तानी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया और दुश्मन को सबक सिखाया.

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  • 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था.
  • ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी कैंपों को नष्ट किया गया था.
  • 4 डोगरा रेजिमेंट के नायब सूबेदार सतीश कुमार ने मोर्टार प्लाटून की कमान संभालकर बहादुरी दिखाई.
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15 जनवरी 2026 को आर्मी डे के मौके पर भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों को याद करते हुए, हम लेकर आए हैं एक ऐसी कहानी जो गर्व से सीना चौड़ा कर देती है. Pahalgam आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025, जिसमें 26 निर्दोष मारे गए) के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी कैंपों को तबाह किया. इसके बाद LoC पर भारी गोलाबारी हुई, जहां 4 डोगरा रेजिमेंट के नायब सूबेदार सतीश कुमार ने मोर्टार प्लाटून की कमान संभाली.

उनकी असाधारण लीडरशिप, सटीक फायरिंग और अटूट साहस के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें वीर चक्र (भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन गैलेंट्री अवॉर्ड) से सम्मानित किया. साथ ही, NDTV इंडियन ऑफ द ईयर 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों को सम्मानित किया गया, जिसमें सतीश कुमार जैसे वीर शामिल थे. 

पढ़ें एनडीटीवी से उनकी खास बातचीत:

सवाल: वीर चक्र मिलने की खबर पहली बार सुनकर कैसा लगा?

नायब सूबेदार सतीश कुमार: बहुत खुशी और गर्व हुआ. ये सम्मान मेरा नहीं, बल्कि पूरी यूनिट और उन साथियों का है जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्योछावर किया. हमारी टीम ने दुश्मन के कई टारगेट बर्बाद किए.

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सवाल: NDTV इंडियन ऑफ द ईयर अवॉर्ड भी मिला, क्या कहेंगे?

जवाब: मैं NDTV का बहुत आभारी हूं. भारतीय सेना कठिन से कठिन हालात में लक्ष्य पूरा करती है. इस अवॉर्ड के लिए फिर से शुक्रिया.

सवाल: ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताएं (ऑपरेशनल सीक्रेट्स सुरक्षित रखते हुए).

जवाब: मैं मोर्टार पोजीशन कंट्रोलर था. फायरिंग पर कंट्रोल मेरा काम था. 10 मई सुबह 6 बजे दुश्मन की मोर्टार पोजीशन से हम पर फायर आया. हमने जवाबी फायर किया. थोड़ी देर बाद ड्रोन दिखा, हमने उस पर फायर किया तो वो दुश्मन की तरफ चला गया. हम वैकल्पिक पोजीशन पर शिफ्ट हुए. दुश्मन के दो पोजीशन से फायर शुरू हुआ. हमारे पास चार मोर्टार थे, हमने एक साथ चारों से हमला किया. फायर ऊपर जाता है और दुश्मन पर नीचे गिरता है.

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सवाल: टारगेट कैसे मिलता है, कौन देता है?

जवाब: हमारा मोबाइल फायर कंट्रोलर हमारी आंख है. वो टारगेट देखता है, हमें बताता है. हम हिट करते हैं. इससे ज्यादा नहीं बता सकते.

सवाल: दुश्मन को कितना नुकसान पहुंचाया?

जवाब: दुश्मन की 5 पोस्ट पार्शियली डैमेज कीं. दो निगरानी कैमरे बर्बाद किए. तीन पाकिस्तानी पोस्ट पर स्मोक बम से फायर किया, आग लग गई. काफी माइन ब्लास्ट हुए. रात में उजाला हो गया जैसे!

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सवाल: पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की?

जवाब: हां, लेकिन हमारा कोई नुकसान नहीं हुआ. 100 मीटर दूर बाएं-दाएं बम गिरे, हम आड़ में थे. 

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सवाल: 25 साल की सर्विस में पहली बार ऐसा मौका?

जवाब: बिल्कुल. 1999 के बाद पहली बार ऐसी लड़ाई. हम प्रैक्टिस तो करते रहते हैं, लेकिन दुश्मन पर फायर करने का मौका मिला तो खूब किया.

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सवाल: अगर फिर मौका मिले तो पाकिस्तान को कैसे सबक सिखाएंगे?

जवाब: बिल्कुल जवाबी कार्रवाई होगी. पाकिस्तान नापाक हरकत करता रहता है, हर बार मुंह की खाता है. इस बार काफी नुकसान हुआ. 

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सवाल: देश के नौजवानों के लिए संदेश?

जवाब: मजबूत बनो, दिमाग विकसित करो, नई तकनीक समझो. सबसे जरूरी- देश को सबसे ऊपर रखो. 

नायब सूबेदार सतीश कुमार का ये साहस और नेतृत्व भारतीय सेना की मिसाल है. ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन को साफ संदेश दिया कि आतंक की कोई जगह नहीं है.

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