जम्मू-कश्मीर पर उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अध्यक्षता

यह बैठक केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा हालात, आतंकवाद-रोधी अभियानों की प्रगति और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से बुलाई गई है.

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  • गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे
  • बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, पुलिस, सेना, केंद्रीय सशस्त्र बल और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी शामिल
  • यह बैठक नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है जो हर तीन महीने में सुरक्षा तैयारियों का मूल्यांकन करती है
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नई दिल्ली:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे. यह बैठक केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा हालात, आतंकवाद-रोधी अभियानों की प्रगति और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से बुलाई गई है. इसलिए ये बैठक बेहद अहम मानी जा रही है.

बैठक में शामिल होंगे शीर्ष अधिकारी

इस अहम बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जम्मू-कश्मीर पुलिस के शीर्ष अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इसके अलावा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो (IB) के निदेशक तपन डेका भी बैठक में मौजूद रहेंगे.

तीन महीने में एक बार होती है समीक्षा

अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक गृह मंत्री की नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है, जो हर तीन महीने में आयोजित की जाती है. इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा तैयारियों, आतंकवाद-रोधी अभियानों की स्थिति और क्षेत्र में विकास से जुड़े स्थायित्व उपायों का मूल्यांकन करना है.

बैठक के प्रमुख एजेंडे

सूत्रों के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:-

  • जम्मू-कश्मीर की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा

  • आतंकवाद-रोधी अभियानों की प्रगति का मूल्यांकन

  • खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना

  • ऑपरेशनल तालमेल को और प्रभावी बनाना

  • क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा

पृष्ठभूमि में जारी हैं आतंकवाद-विरोधी अभियान

यह समीक्षा ऐसे समय में हो रही है जब जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकवाद-विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं. केंद्र सरकार का फोकस क्षेत्र में स्थायित्व लाने, आतंकवाद पर लगाम कसने और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने पर है.

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