मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर अहम चर्चा हुई. हालात से निपटने के लिये भारत की तैयारी का भी जायजा लिया गया. भविष्य की रणनीति पर भी बात हुई. यह इंटर मिनिस्टीरियल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स यानि कि IGoM की चौथी बैठक थी. इस बैठक में मोदी सरकार के कई बड़े मंत्री शामिल हुए. इस बैठक में रक्षा मंत्री ने कहा कि स्थिति अभी अनिश्चित है. हालात कभी भी बदल सकते हैं. भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा. तनाव कम हो या फिर बढ़े, दोनों के लिए तैयारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है. सरकार तेजी से फैसले ले रही है.किसी भी खतरे से निपटने की कोशिश हो रही है.
अब अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका से भी सप्लाई हो रही है. अप्रैल और मई की जरूरतें पहले से पूरी कर ली गई हैं. PNG गैस को बढ़ावा दिया जा रहा है. मार्च 2026 से अब तक 4.76 लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन शुरू किया जा चुके हैं . इससे LPG पर निर्भरता कम होगी. मार्च 2026 से लाखों नए कनेक्शन दिए गए हैं. कई लोगों ने LPG छोड़कर PNG अपनाया है. सरकार ने पेट्रोकेमिकल सप्लाई के लिए खास समूह बनाया है. दवाइयों और केमिकल सेक्टर को सपोर्ट दिया जा रहा है. प्रोपिलीन और मेथनॉल की कमी नहीं है.
खाद्य पदार्थों की कीमतें स्थिर हैं.
सरकार के अनुसार अभी महंगाई नियंत्रण में है. LPG से जुड़ी शिकायतें कम हो रही हैं.देश में खाद की भी कमी नहीं है.यूरिया, DAP और अन्य खाद का स्टॉक पर्याप्त है. नई सप्लाई से स्टॉक और बढ़ा है. काला बाजारी और जमाखोरी पर कार्रवाई हो रही है. हजारों जगहों पर छापे मारे गए हैं. कई लाइसेंस रद्द किए गए हैं. विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है. उनसे लगातार संपर्क रखा जा रहा है.जरूरत पड़ने पर हर मदद दी जाएगी.राज्यों को भी मिलकर काम करने को कहा गया है. ताकि देश के भीतर किसी तरह की दिक्कत ना हों . अच्छे कामों को सभी जगह लागू किया जाएगा. दूसरे देशों के अनुभव से भी सीख ली जाएगी.
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