- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद बीजेपी पर जमकर निशाना साधा
- अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की राजनीतिक आक्रामकता का मुकाबला करने की क्षमता सिर्फ ममता बनर्जी में है
- उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता में नबन्ना स्टेट सेक्रेटेरिएट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला. अखलेश ने कहा कि देश में बीजेपी की “राजनीतिक आक्रामकता” का मुकाबला करने की क्षमता केवल ममता बनर्जी में ही है.
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नबान्न में ममता से मिले अखिलेश
मंगलवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न' में हुई इस अहम मुलाकात को विपक्षी एकजुटता और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक चली इस बैठक में अखिलेश यादव के साथ उनकी पत्नी और लोकसभा सांसद डिंपल यादव भी मौजूद रहीं.
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “देश में बीजेपी के हमलों का जवाब देने का साहस और क्षमता सिर्फ ‘दीदी' में है.”
अखिलेश ने बंगाल SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की आड़ में एनआरसी लागू करने की कोशिश की जा रही है और इसके जरिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है. उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे जनता में डर का माहौल बनाया जा रहा है. अखिलेश की ममता से मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को तेज करने की तैयारी में हैं.
SIR के मुद्दे को दिल्ली ला सकती हैं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी पहले ही SIR को “बड़ा घोटाला” करार दे चुकी हैं और चुनाव आयोग को कई पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग कर चुकी हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि SIR की वजह से बूथ लेवल एजेंटों और अन्य कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव पड़ा है, जिससे गंभीर परिणाम सामने आए हैं.
ममता बनर्जी जल्द ही इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही हैं और आने वाले दिनों में दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर सकती हैं. अखिलेश यादव की यह खुली समर्थन-घोषणा विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही है, खासकर तब जब आगामी चुनावों से पहले विपक्ष भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति बनाने में जुटा है.
अखिलेश पर ओपी राजभर की चुटकी
अखिलेश यादव के पश्चिम बंगाल जाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओ.पी. राजभर उन पर चुटकी ली. राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव वहां बीजेपी को जिताने के लिए जा रहे हैं. मध्य प्रदेश गए, वहां बीजेपी की सरकार बनाकर आए. दिल्ली गए वहां बीजेपी की सरकार बनाकर आए. मुंबई गए, वहां बीजेपी की सरकार बनाकर आए. उन्होंने कहा कि अखिलेश बीजेपी के लिए काम करते हैं. हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और..."













