- ओवैसी ने ओडिशा में बीजेपी सरकार के दौरान आदिवासियों मुसलमानों और ईसाइयों पर हमलों का आरोप लगाया है
- ओवैसी ने बंगाली मुस्लिम रेहड़ी-पटरी वालों की पिटाई और धमकियों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए
- ओवैसी ने यूपी के मुरादाबाद में हिंदू-मुस्लिम जोड़े की हत्या और संभल में जज के तबादले का भी विरोध किया
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी सरकार पर एक बार फिर से हमलावर हैं. उन्होंने ओडिशा में पादरी पर हमले समेत यूपी के भी कई मुद्दों को उठाया है. उनका आरोप है कि ओडिशा में जब से बीजेपी की सरकार बनी है, तब से राज्य के आदिवासियों, मुसलमानों और ईसाइयों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. ओवैसी ने ये भी आरोप लगाया कि कई बंगाली मुस्लिम रेहड़ी-पटरी वालों की पिटाई की गई है और उन्हें धमकाया गया है.
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बीजेपी पर फिर भड़के ओवैसी
ओवैसी का कहना है कि जंगल राज का उद्घाटन हो चुका है. इसके साथ ही ओवैसी ने यूपी के मुरादाबाद और संभल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद में एक हिंदू-मुस्लिम जोड़े की हत्या कर दी गई, सरकार अख़लाक के हत्यारों के ख़िलाफ़ मामला वापस लेना चाहती थी, और संभल हिंसा से जुड़े पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाले एक जज का तबादला कर दिया गया.
ओडिशा में पादरी के साथ क्या हुआ?
ओडिशा के ढेंकनाल जिले में 4 जनवरी को धर्मांतरण के आरोपों को लेकर एक पादरी से मारपीट का आरोप लगा है. ढेंकनाल के पुलिस अधीक्षक अभिनव सोनकर ने बताया कि पादरी बिपिन नाइक की पत्नी ने 22 जनवरी को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को दूसरे धर्म में परिवर्तित करने के आरोप में भीड़ ने उनके पति पर हमला किया और गले में जूतों की माला पहनाकर उसे घुमाया. शिकायत में कहा गया कि पादरी जब वह प्रार्थना कर रहा था, तब बांस की लाठियों से लैस 15 से 20 लोगों के एक समूह ने उसके घर पर हमला कर दिया था.
आरोप ये भी है कि भीड़ ने पादरी को पीटा, जबरदस्ती उसके शरीर पर सिंदूर लगाया, उसे जूतों की माला पहनाई और गांव में उसका जुलूस निकाला. नाइक के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर के सामने झुकने के लिए भी मजबूर किया गया था. हालांकि पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.













