- तमिलनाडु के सलेम में विजय की पार्टी टीवीके की रैली में महाराष्ट्र के शख्स की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई
- AIADMK ने विजय की पार्टी पर तंज कसते करते हुए कहा कि रैली में आने वालों को ताबूत लेकर आना चाहिए
- टीवीके ने मौत को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रैली में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं मौजूद थी
दक्षिण भारतीय अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में एक बार फिर से हादसा हुआ है. तमिलनाडु के सलेम में विजय की रैली में आए महाराष्ट्र के एक शख्स की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. इसके बाद AIADMK ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि विजय की पार्टी TVK की रैली में आने वाले लोगों को अपने साथ ताबूत लेकर आना चाहिए.
रैली में बेहोश होकर गिरे, मौत
पुलिस के मुताबिक, सलेम में विजय की पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम (TVK) की राजनीतिक रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल होने पहुंचे थे. महाराष्ट्र के रहने वाले 37 वर्षीय सूरज भी रैली में आए थे. वह रैली में सबसे पीछे की तरफ खड़े थे, उसी दौरान बेहोश होकर गिर पड़े. उन्हें एंबुलेंस से तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
दिल के मरीज थे, हुई थी सर्जरी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सूरज की मौत का विजय की रैली के आयोजन से कोई सीधा संबंध नहीं है. पुलिस के मुताबिक, सूरज दिल के मरीज थे और पिछले साल ही उन्हें दिल में स्टेंट इम्प्लांट हुआ था. वह विजय को देखने गए थे, लेकिन उनके आने से पहले ही सूरज को अचानक बेचैनी होने लगी और वह बेहोश हो गए. आसपास के लोगों ने तुरंत कार्यकर्ताओं को सूचना दी और सूरज को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
AIADMK का 'ताबूत' वाला तंज
इस दुखद घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई. AIADMK के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा हमला करते हुए लिखा कि भविष्य में टीवीके की रैली में शामिल होने वाले लोगों को अपने साथ ताबूत लेकर भी आना चाहिए. वहीं सत्ताधारी डीएमके के नेता टीकेएस एलंगोवन ने विजय की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने कभी जनता के लिए किसी आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया, फिर भी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं.
आरोपों पर क्या बोली टीवीके?
विजय की पार्टी टीवीके ने सूरज की मौत को लेकर आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं थी और वहां पर्याप्त खाली जगह थी. रैली स्थल के हर कोने पर मेडिकल कैंप लगाए गए थे और एम्बुलेंस के आने जाने के लिए रास्ता साफ था.
स्टालिन पर विजय ने साधा निशाना
सलेम की रैली में विजय ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर खूब निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी पार्टी को रैली की अनुमति देने में भेदभाव कर रही है. विजय ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने रैली के लिए SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसीजर बना रखा है, लेकिन बात जब उनकी पार्टी की आती है तो एसओपी का मतलब स्टालिन ऑपरेटिंग प्रॉसिजर हो जाता है. उन्होंने कहा कि दूसरे दलों को सभाओं के लिए जगह और सुरक्षा दी जा रही है, लेकिन उनके साथ अन्याय हो रहा है.
राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी सरगर्मी तेज है. 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए मुकाबला इस बार दिलचस्प होने की संभावना है, जहां डीएमके, AIADMK और अब विजय की टीवीके के बीच त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनती दिख रही है.
एक तरफ विजय रैलियों के जरिए जनता तक पहुंच रहे हैं, वहीं सीएम स्टालिन लोकलुभावन घोषणाओं के जरिए लोगों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कलैग्नार महिला अधिकार योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में 5 हजार रुपये डालने का ऐलान किया है.














