अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला : ED ने सुप्रीम कोर्ट में किया क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जमानत का विरोध

ED ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि मिशेल भारत का नागरिक नहीं है, उसके  फरार होने का खतरा है.  उसका प्रत्यर्पण अत्यधिक कठिनाइयों और प्रक्रियात्मक बाधाओं के साथ प्राप्त किया गया है.

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सुप्रीम कोर्ट में अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामला (फाइल फोटो)

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के आरोपी बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जमानत का मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. ED ने सुप्रीम कोर्ट में मिशेल की जमानत का विरोध किया. ED ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि मिशेल भारत का नागरिक नहीं है, उसके  फरार होने का खतरा है.  उसका प्रत्यर्पण अत्यधिक कठिनाइयों और प्रक्रियात्मक बाधाओं के साथ प्राप्त किया गया है. इसके अलावा वर्तमान मामले में अपराध  में लेन-देन का एक जटिल जाल है. उसके संबंध में जांच जारी है और सभी चरणों में याचिकाकर्ता की उपस्थिति महत्वपूर्ण है.  यह आशंका है कि यदि याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह जांच से बचने के लिए भाग सकता है. ये  कार्यवाही के दौरान प्रतिकूल होगा.

सीबीआई ने भी किया जमानत का विरोध

बता दें कि आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका का सीबीआई ने भी सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है.  सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा कि  मिशेल की जमानत याचिका खारिज की जानी चाहिए. वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है और गवाहों को प्रभावित कर सकता है. जमानत नियम है और जेल अपवाद है, का नियम मिशेल के मामले को अपवाद के रूप में माना जाना चाहिए. वह गंदे हाथों से कोर्ट आया है और कोर्ट को गुमराह कर रहा है. जांच में सहयोग करने को लेकर मिशेल कोर्ट में झूठे दावे कर रहा है. वह इटली और भारत दोनों में कानून की प्रक्रिया से फरार हो गया था. उसने जांच को रोकने और भारतीय अधिकार क्षेत्र से बचने का हर संभव प्रयास किया.  भारत में खराब इलाज के बारे में उसके दावे निराधार हैं.

इससे पहले 18 मई को सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को नोटिस जारी किया था. पक्षकारों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक महीने का समय दिया था. याचिककर्ता जेम्स की ओर से कहा गया है कि PC एक्ट के तहत 5 साल में से साढ़े तीन साल की सजा काट चुके हैं, जो कि 50 फीसदी से भी ज्यादा है. उसके खिलाफ इटली कोर्ट से वारंट जारी हुआ था, वहां पर पूरा सहयोग किया है, उसको जमानत मिलनी चाहिए.

केंद्र ने कोर्ट से कहा था कि उसे बड़ी मुश्किल से यहां लाया गया है. अभी तक उसे किसी अदालत ने दोषमुक्त नहीं किया है. दरअसल, अगस्टावेस्टलैंड डील मामले में कथित बिचौलिए जेम्स को जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. वेस्टलैंड घोटाले की जांच CBI और ED द्वारा जांच की जा रही है.

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